‘टॉवर ऑफ जस्टिस’ का स्वागत, अब अधिवक्ताओं के चैंबर्स भी बनाए जाए : चौधरी संतोख सिंह

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गुरुग्राम बार के लगभग 11 हजार पंजीकृत अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त चैंबर्स उपलब्ध करवाए जाएं —न्यायपालिका और अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के दो अभिन्न स्तंभ।

गुरुग्राम, 13 जुलाई 2026। जिला बार एसोसिएशन, गुरुग्राम के पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि नए न्यायिक परिसर का उद्घाटन निश्चित रूप से हर्ष का विषय है। यदि इसके साथ-साथ अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त संख्या में आधुनिक चैंबर्स का भी निर्माण किया गया होता, तो यह उपलब्धि और अधिक सार्थक एवं पूर्ण होती। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और अधिवक्ता न्याय व्यवस्था के दो अभिन्न स्तंभ हैं तथा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिवक्ताओं के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने गुरुग्राम में नवनिर्मित न्यायिक परिसर “टॉवर ऑफ जस्टिस” के उद्घाटन का स्वागत करते हुए इसे न्यायिक व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक न्यायिक अवसंरचना न्याय प्रणाली को अधिक सशक्त, प्रभावी एवं सुगम बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। “टॉवर ऑफ जस्टिस” का उद्घाटन सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्य कांत जी के द्वारा किया गया है।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी ने अधिवक्ताओं के चैंबर हेतु भूमि की जांच कराने का आश्वासन दिया। अधिवक्ताओं की यह 16 वर्षों पुरानी मांग है। सरकार से मांग है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएँ शीघ्र पूर्ण कर चैंबर निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला बार एसोसिएशन, गुरुग्राम के लगभग 11,000 पंजीकृत सदस्य हैं, जबकि हजारों अधिवक्ताओं के पास अपने पेशेवर कार्य के संचालन हेतु चैंबर उपलब्ध नहीं हैं। चैंबर्स की कमी के कारण अधिवक्ताओं को प्रतिदिन गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव न्यायिक कार्यप्रणाली की दक्षता पर भी पड़ता है।

चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि अधिवक्ता न्याय प्रणाली का अभिन्न एवं महत्वपूर्ण अंग हैं। यदि न्याय व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी एवं त्वरित बनाना है, तो अधिवक्ताओं को भी आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित प्राधिकरणों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उचित कार्यस्थल उपलब्ध होने से अधिवक्ता अधिक प्रभावी ढंग से अपने मुवक्किलों का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे तथा न्यायिक कार्यों का निष्पादन भी अधिक सुव्यवस्थित एवं दक्षतापूर्वक हो सकेगा।

उन्होंने सरकार से मांग की कि “टॉवर ऑफ जस्टिस” परिसर के साथ-साथ अधिवक्ताओं के चैंबर्स के निर्माण हेतु पर्याप्त भूमि शीघ्र आरक्षित एवं आवंटित की जाए, ताकि गुरुग्राम बार के हजारों अधिवक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही वास्तविक आवश्यकता का समाधान हो सके।

चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि हम ‘टॉवर ऑफ जस्टिस’ के उद्घाटन का हृदय से स्वागत करते हैं। हमारी केवल यही अपेक्षा है कि न्यायिक अवसंरचना के इस विकास के साथ अधिवक्ताओं के लिए भी पर्याप्त चैंबर्स उपलब्ध कराए जाएँ, ताकि न्याय व्यवस्था के दोनों स्तंभ समान रूप से सशक्त हो सकें।

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Author: Bharat Sarathi

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