विश्व पटल पर चमका ‘निपुण हरियाणा मिशन’, यूएई प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम के सरकारी विद्यालयों में देखी शिक्षा की नई तस्वीर

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डेटा आधारित शिक्षण, डिजिटल ऐप्स, टीएलएम, प्रिंट-रिच वातावरण और एफएलएन मॉडल से प्रभावित हुआ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल

गुरुग्राम, 13 जुलाई। हरियाणा की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी पहचान मिली है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, सेक्टर-43 तथा राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, सेक्टर-31 का दौरा कर निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत संचालित बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान (एफएलएन) कार्यक्रम का अवलोकन किया।

पांच सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालयों में बच्चों की सीखने की प्रक्रिया, शिक्षण पद्धति, डिजिटल नवाचार, मेंटरिंग व्यवस्था, टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल (टीएलएम), प्रिंट-रिच कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, स्मार्ट कक्षाओं तथा विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का गहन अध्ययन किया और हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल में मुबाडाला फाउंडेशन, यूएई की उपाध्यक्ष (सामुदायिक कार्य) सुश्री क्लेमेंस फिनाज़ एवं सुश्री खालिद अल धाहेरी, स्वयंसेवा कार्यक्रम विशेषज्ञ श्री वैशाली ग्रोटे, गेट्स फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर श्री सतीश तथा सीनियर मैनेजर (परोपकारी साझेदारी) श्री अश्विन शामिल थे। उनके साथ एसपीआईयू सदस्य अर्पित एवं आयुषी तथा निपुण हरियाणा मिशन, गुरुग्राम के जिला नोडल अधिकारी मनोज कुमार लाकड़ा भी उपस्थित रहे।

विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं ने अतिथियों का तिलक, पुष्पमाला एवं पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया। इसके बाद मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने बालवाटिका से लेकर कक्षा तीन तक की कक्षाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ने, लिखने और गणितीय दक्षताओं को समझा तथा शिक्षकों से गतिविधि आधारित अधिगम और कक्षा संचालन की प्रक्रियाओं पर चर्चा की।

विद्यालयों में स्थापित पुस्तकालय, भाषा एवं गणित प्रयोगशाला, छात्र-अनुकूल कक्षा-कक्ष तथा प्रिंट-रिच वातावरण ने प्रतिनिधिमंडल को विशेष रूप से प्रभावित किया। दौरे के दौरान निपुण हरियाणा मिशन के डिजिटल इकोसिस्टम का भी प्रदर्शन किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने निपुण मेंटर ऐप के माध्यम से बच्चों के त्वरित मूल्यांकन और राज्य स्तरीय डैशबोर्ड पर उपलब्ध वास्तविक समय के आंकड़ों की प्रणाली का अवलोकन किया। वहीं निपुण टीचर ऐप में उपलब्ध डिजिटल लेसन प्लान, गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री और अध्यापक सहायता संसाधनों की सराहना की गई। निपुण पैरेंट्स ऐप को अभिभावकों को बच्चों की सीखने की प्रगति से जोड़ने वाली अभिनव पहल बताया गया।

विद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग और नियमित शैक्षणिक मार्गदर्शन के लिए विकसित सीआरपी मॉडल को भी प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावी जमीनी प्रबंधन प्रणाली बताया। शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए टीचिंग-लर्निंग मैटेरियल तथा संपर्क फाउंडेशन के एस-बॉक्स का भी प्रदर्शन किया गया। एबीआरसी उर्वशी ने स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से एस-बॉक्स की कार्यप्रणाली का लाइव प्रदर्शन किया और निपुण मेंटर ऐप की उपयोगिता की जानकारी दी।

जिला नोडल अधिकारी मनोज कुमार लाकड़ा ने प्रतिनिधिमंडल को हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा विकसित पाठ्यपुस्तकों, टीचर गाइड, वर्कबुक, संपर्क एस-बॉक्स तथा अन्य शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने निपुण लोगोग्राफी, निपुण टंग ट्विस्टर, निपुण बालगीत मंजूषा तथा निपुण गुरुग्राम न्यूज़लेटर सहित गुरुग्राम में विकसित विभिन्न नवाचारों और प्रकाशनों का भी परिचय कराया।

मनोज कुमार लाकड़ा ने कहा कि निपुण हरियाणा मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे को कक्षा तीन तक पढ़ने, लिखने और समझने में दक्ष बनाने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि तकनीक, नियमित मेंटरिंग, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया, शिक्षक प्रशिक्षण और स्थानीय नवाचारों के समन्वय से हरियाणा ने ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हो रही है।

प्रतिनिधिमंडल की सदस्य सुश्री क्लेमेंस फिनाज़ ने कहा कि वे यह देखने आए थे कि बड़े स्तर पर परिवर्तन किस प्रकार किया जाता है और हरियाणा का डेटा आधारित शिक्षण तंत्र तथा बुनियादी साक्षरता पर केंद्रित कार्य अत्यंत प्रभावशाली है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल यहां से कई उपयोगी अनुभव अपने देशों के लिए लेकर जा रहा है।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमिता रांगी ने कहा कि निपुण हरियाणा मिशन ने गुरुग्राम में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है। उन्होंने बताया कि निपुण पैरेंट्स ऐप ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच संवाद को मजबूत बनाया है, जबकि निपुण मेंटर ऐप के माध्यम से प्राप्त वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर आवश्यकता अनुसार त्वरित शैक्षणिक हस्तक्षेप किया जा रहा है।

इस अवसर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमिता रांगी, प्रधानाचार्य अंजू काजल, एसपीआईयू सदस्य आयुषी एवं अनंत, छाया सीएसएफ, एबीआरसी श्रुति आर्य, उर्वशी एवं संजीव शर्मा, हेड टीचर शीला कुमारी एवं विनीता, रेणु राणा, नेहा राणा, सीमा देसवाल, प्रीति सहित अनेक शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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