1.94 लाख से अधिक उपभोक्ता जुड़े, मीटर्ड कनेक्शन, जीआईएस मैपिंग और ऑनलाइन सेवाओं से बढ़ रही पारदर्शिता व सुविधा
गुरुग्राम, 8 जूलाई। नगर निगम गुरुग्राम ने जलापूर्ति एवं सीवरेज सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए अत्याधुनिक वाटर मैनेजमेंट सिस्टम शुरू किया हुआ है। नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से नए जल कनेक्शन, बिलिंग, शिकायत निवारण, मीटर प्रबंधन, जीआईएस मैपिंग तथा अवैध कनेक्शनों की पहचान जैसी सभी सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाया गया है।
बुधवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, चीफ अकाउंट ऑफिसर विजय सिंगला व कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार उपस्थित थे।
30 हजार से बढ़कर 1.94 लाख हुए मीटर्ड जल उपभोक्ता
एमसीजी ने वर्ष 2013 में पीएचईडी से जलापूर्ति एवं सीवरेज व्यवस्था का कार्यभार संभाला था। उस समय लगभग 30 हजार मीटर्जड जल कनेक्शन थे। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 1,94,124 सक्रिय जल उपभोक्ताओं तक पहुंच चुकी है, जो नगर निगम की सेवाओं के निरंतर विस्तार को दर्शाती है।
स्मार्ट मीटरिंग और जीआईएस तकनीक पर विशेष फोकस
नगर निगम जल प्रबंधन को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए 465 अल्ट्रासोनिक स्मार्ट मीटर लगाने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके साथ ही ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशन और अन्य जल परिसंपत्तियों की जीआईएस मैपिंग भी की जा रही है, जिससे जल वितरण व्यवस्था की बेहतर निगरानी और नॉन-रेवेन्यू वाटर (एनआरडब्लू) में कमी लाने में मदद मिलेगी।
नए पोर्टल से मिल रही ऑनलाइन सुविधा
नई डिजिटल प्रणाली के तहत नागरिक ऑनलाइन आवेदन, नए जल कनेक्शन, बिल डाउनलोड, भुगतान, विवरण संशोधन, अस्थायी डिस्कनेक्शन, पुनः कनेक्शन, प्रमाण पत्र और अन्य सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया समयबद्ध है तथा प्रत्येक चरण की ऑनलाइन ट्रैकिंग उपलब्ध है।
अवैध कनेक्शन और जल दुरुपयोग पर सख्ती
एमसीजी द्वारा अवैध जल कनेक्शनों की पहचान, प्रॉपर्टी आईडी मैपिंग तथा जल के दुरुपयोग पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 95 चालान जारी कर 5.39 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही अवैध एवं नियमों के विरुद्ध उपयोग वाले 225 जल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए जा चुके हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढी पारदर्शिता
नई व्यवस्था में मोबाइल आधारित मीटर रीडिंग, रियल-टाइम बिल जनरेशन, एसएमएस नोटिफिकेशन, ऑनलाइन शिकायत निवारण, ऑडिट ट्रेल और बहु-स्तरीय डिजिटल अनुमोदन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे नागरिकों को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं, वहीं विभागीय कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी बनी है।
राजस्व बढ़ाने और सेवाओं में सुधार पर जोर
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम द्वारा बकायेदारों से वसूली, बिना बिल वाले क्षेत्रों की पहचान, अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई तथा जलापूर्ति नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है। इससे राजस्व संग्रह में वृद्धि के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर एवं अधिक विश्वसनीय जल सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। नगर निगम गुरुग्राम का यह आधुनिक वाटर मैनेजमेंट सिस्टम डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और नागरिक सुविधाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।








