· जब सरकार ही मिलावटी तेल बेचेगी तो मिलावटखोरों पर कार्रवाई कौन करेगा– दीपेन्द्र हुड्डा
· देश में E-20 इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी तुरंत रद्द करे सरकार – दीपेन्द्र हुड्डा
· महंगा और मिलावटी तेल बेचकर सरकार कॉरपोरेट और इथेनॉल लॉबी को पहुंचा रही फायदा – दीपेन्द्र हुड्डा
· E20 नीति के सभी तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए – दीपेन्द्र हुड्डा
· जिन वाहनों पर E20 का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, उनके मालिकों के लिए स्पष्ट सुरक्षा और मुआवजा नीति बनाई जाए– दीपेन्द्र हुड्डा
· अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों – दीपेन्द्र हुड्डा
चंडीगढ़, 7 जुलाई। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने केंद्र सरकार की E-20 इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी का विरोध करते हुए कहा कि जब सरकार ही मिलावटी तेल बेचेगी तो मिलावटखोरों पर कार्रवाई कौन करेगा। बीजेपी सरकार देश भर में महंगा और मिलावटी तेल बेचकर आम जनता की जेब काट रही है और कॉरपोरेट, इथेनॉल लॉबी को फायदा पहुंचा रही है। उन्होंने तुरंत इस पॉलिसी को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद लोग पहले ही महंगे पेट्रोलियम उत्पादों से परेशान थे और अब मिलावटी पेट्रोल से उनके वाहन कबाड़ में बदल रहे हैं। उन्होंने मांग करी कि E20 नीति के सभी तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। माइलेज, इंजन प्रदर्शन और रखरखाव लागत पर वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं। जिन वाहनों पर E20 का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, उनके मालिकों के लिए स्पष्ट सुरक्षा और मुआवजा नीति बनाई जाए।
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि सरकार ने पहले नोटबंदी, जीएसटी और महंगाई के जरिए जनता को परेशान किया और अब E20 के माध्यम से लोगों की गाड़ियों तक को प्रयोगशाला बना दिया है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार आखिर किसके हितों की रक्षा कर रही है? उन्होंने आगे कहा कि सामान्य पेट्रोल के मुकाबले एथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल में हाइड्रोक्सिल ग्रुप होता है, जो हवा या आसपास की नमी (हाइग्रोस्कोपिक नेचर) को बहुत तेजी से सोखता है। यही कारण है कि पेट्रोल टैंकों और पाइपलाइनों में जंग लगने का खतरा भी बढ़ रहा है, जिससे गाड़ियों के इंजन खराब होने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण की बिक्री होने से 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (बायोफ्यूल्स) ने भी हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि, इथेनॉल से माइलेज गिर रहा है और मेंटेनेंस बढ़ रहा है। माइलेज कम होने से उपभोक्ता को अधिक बार पेट्रोल भरवाना पड़ेगा और उसका मासिक खर्च भी और अधिक हो जाएगा। आज भी देश में करोड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन ऐसे हैं, जिन्हें मूल रूप से E20 ईंधन के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया था। ऐसे वाहनों में E20 के लंबे समय तक उपयोग से इंजन, रबर पाइप, फ्यूल सिस्टम और माइलेज पर विपरीत प्रभाव पड़ने की आशंकाओं को लेकर वाहन मालिक, वाहन निर्माता और विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान युद्ध खत्म होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हो गया है। लेकिन, बीजेपी सरकार बेंट क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट का फायदा देश की जनता को नहीं दे रही है। जबकि कच्चे तेल की कीमतें गिरने के साथ ही दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम कम हुए हैं। बांग्लादेश, म्यांमार, भूटान जैसे पड़ोसी देशों ने भी अपने यहाँ दाम घटा दिए। लेकिन भारत की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि सरकार पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के दाम तुरंत घटाए और लोगों को महंगाई से राहत दिलाए।









