सील टूटे प्रश्नपत्र, गायब सवाल, गलत जवाब और दर्जनों त्रुटियों का आरोप; हाईकोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच, FIR और दोबारा परीक्षा कराने की मांग
चंडीगढ़, 6 जुलाई। कांग्रेस सांसद एवं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) के TGT और PRT स्तर की परीक्षाओं में भी भारी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 4 जुलाई को PGT परीक्षा में सामने आए विवादों के बाद 5 जुलाई को आयोजित TGT (लेवल-2) और PRT (लेवल-1) परीक्षाएं भी सील टूटे प्रश्नपत्र, गलत प्रश्न, गलत उत्तर, गायब सवाल और तकनीकी त्रुटियों की भेंट चढ़ गईं।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि हरियाणा में HTET अब शिक्षक पात्रता परीक्षा न रहकर “गड़बड़ी की परीक्षा” बन गई है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। उनके अनुसार यह केवल “सिस्टम फेलियर” नहीं बल्कि “सिस्टम कोलैप्स” है, जिससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
उन्होंने दावा किया कि 5 जुलाई को आयोजित TGT और PRT परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कई परीक्षा केंद्रों पर पहले से ही टूटी हुई सील के साथ पहुंचे। रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, फरीदाबाद, अंबाला सहित कई जिलों के अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि प्रश्नपत्रों की सील पहले से टूटी हुई थी तो यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि वे पहले से लीक नहीं हुए या उनकी खरीद-फरोख्त नहीं हुई।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्रों में इतनी अधिक त्रुटियां थीं कि कई प्रश्नों का उत्तर देना ही संभव नहीं था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं प्रश्न में रेखांकित शब्द ही नहीं था, कहीं मुहावरा दिए बिना उसका अर्थ पूछा गया, कहीं अंग्रेजी और हिंदी संस्करणों में अलग-अलग प्रश्न और अलग-अलग आंकड़े दिए गए, तो कहीं विकल्प दोहराए गए। कुछ प्रश्नों में ऐसे शब्द लिखे गए जिनका कोई अर्थ ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रश्नों से किसी अभ्यर्थी की योग्यता का निष्पक्ष मूल्यांकन संभव नहीं है।
सुरजेवाला ने यह भी आरोप लगाया कि सेट-बी के प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या 145 से 148 को गलती से 45 से 48 अंकित कर दिया गया, जिससे अभ्यर्थियों के सामने OMR शीट भरने को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। इसके अलावा अंतिम पृष्ठ की पेज संख्या भी गलत प्रकाशित होने का दावा किया गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पूरे मामले पर जवाब मांगते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सुरजेवाला ने मांग की कि पूरे HTET प्रकरण की हाईकोर्ट के किसी सिटिंग जज से न्यायिक जांच कराई जाए, परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए तथा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से HTET परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाए।
प्रमुख त्रुटियां, जिनका सुरजेवाला ने किया उल्लेख
कांग्रेस सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दावा किया कि HTET-TGT प्रश्नपत्र में अनेक गंभीर त्रुटियां थीं। उनके अनुसार प्रमुख कमियां इस प्रकार हैं—
- प्रश्न 32: परसर्ग बताने के लिए कहा गया, लेकिन कोई शब्द रेखांकित ही नहीं किया गया।
- प्रश्न 46: मुहावरे का अर्थ पूछ लिया गया, जबकि प्रश्न में मुहावरा ही नहीं दिया गया।
- प्रश्न 48: पैराग्राफ में ‘इंटेगटी’ जैसा अर्थहीन शब्द प्रकाशित किया गया।
- प्रश्न 50: ‘रेट्रोगेशन’ शब्द का प्रयोग किया गया, जो उनके अनुसार कोई मान्य शब्द नहीं है।
- प्रश्न 51: प्रश्न में दिया गया गैप अर्थहीन बताया गया।
- प्रश्न 58: ‘शोपर इन द मेल’ जैसी पंक्ति लिखी गई, जिसका कोई स्पष्ट अर्थ नहीं बनता।
- प्रश्न 69: चारों विकल्पों में कोई भी उत्तर सही नहीं बताया गया।
- प्रश्न 72: अंग्रेजी और हिंदी प्रश्नपत्र में वृत्ताकार बगीचे के पथ की चौड़ाई अलग-अलग (1.3 मीटर और 1.4 मीटर) दी गई।
- प्रश्न 73: अंग्रेजी में π (पाई) का मान 22/7, जबकि हिंदी में 84/99 प्रकाशित किया गया।
- प्रश्न 75: हिंदी और अंग्रेजी संस्करणों में अलग-अलग प्रश्न दिए गए।
- प्रश्न 77: 8.46 के भिन्न रूप का प्रश्न पूछा गया, लेकिन आवर्ती (Recurring) का चिह्न नहीं लगाया गया।
- प्रश्न 87: हिंदी में ‘जींद’ जबकि अंग्रेजी में ‘फाइंड’ प्रकाशित होने का दावा किया गया।
- प्रश्न 100: चार विकल्पों में से दो विकल्प एक जैसे थे।
- प्रश्न 109: ‘प्वाइंट जीरो’ जैसा त्रुटिपूर्ण शब्द प्रकाशित किया गया।
- प्रश्न 115: प्रश्न में ‘3 माइनस 4’ संबंधी त्रुटि होने का आरोप लगाया गया।
- प्रश्न 126: जहां युग्म (Pair) उत्तर अपेक्षित थे, वहां एकल उत्तर दिए गए।
- प्रश्न 135: ‘फार थीटा’ शब्द का प्रयोग अनुचित बताया गया।
सेट-बी में भी गंभीर गड़बड़ी का आरोप
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सेट-बी के प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या 145, 146, 147 और 148 को गलती से 45, 46, 47 और 48 छाप दिया गया। इससे अभ्यर्थी OMR शीट भरते समय भ्रमित रहे कि उत्तर किस प्रश्न संख्या के सामने दर्ज करें। इसके अलावा प्रश्नपत्र के अंतिम पृष्ठ पर भी पेज संख्या 146 के स्थान पर 126 प्रकाशित होने का दावा किया गया। उनके अनुसार ऐसी त्रुटियों ने परीक्षार्थियों के सामने अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा कर दी और परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए।








