चैनत गांव को पानी न देकर भाजपा गांव-शहर में विभाजन की राजनीति कर रही है; एसवाईएल का पानी मिलने तक हरियाणा का पानी किसी को नहीं देंगे : अभय चौटाला
चंडीगढ़, 2 जुलाई। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने घोषणा की कि 5 जुलाई को हिसार में होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय एवं राज्य कार्यकारिणी की बैठक से पहले वह हजारों कार्यकर्ताओं के साथ चैनत गांव पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों के आग्रह पर वे वहां जाकर भाजपा सरकार की कथित “पानी विरोधी नीति” का पर्दाफाश करेंगे और प्रदेशवासियों से भी बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो हर वर्ष 25 सितंबर को पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल का सम्मान दिवस मनाती है, जिसकी तैयारियों को लेकर 5 जुलाई को हिसार में बैठक आयोजित की गई है। इससे पहले दोपहर 12 बजे चैनत गांव में कार्यक्रम होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर चैनत गांव को पानी नहीं देना चाहती और इस मुद्दे की आड़ में शहर और गांव के लोगों के बीच विभाजन की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने पहले ही उस लाइन से पानी नहीं देने का निर्णय ले लिया था तो पाइपलाइन पर ‘टी’ क्यों लगाई गई, बाद में उसे किसके आदेश पर हटाया गया, उसे हटाने वालों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए और गांव के करीब 1500 लोगों के खिलाफ मुकदमे क्यों दर्ज किए गए।
अभय चौटाला ने दावा किया कि ‘टी’ मुख्यमंत्री के निर्देश पर लगाई गई थी, जबकि उसे हटाने का आदेश पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को “डमी मुख्यमंत्री” बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में अफसरशाही पूरी तरह हावी हो चुकी है और सरकार स्वयं निर्णय लेने में सक्षम नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक विवाद पैदा करने के बजाय सभी क्षेत्रों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना चाहिए, टूटी सड़कों की मरम्मत करनी चाहिए, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करनी चाहिए तथा अनावश्यक परियोजनाओं के बजाय जनहित के विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच की मांग
अभय चौटाला ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुए 20 से अधिक कथित घोटालों की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को कांग्रेस सरकार के खिलाफ 200 पृष्ठों की चार्जशीट सौंपी गई थी और विधानसभा में उसकी जांच का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन भाजपा और कांग्रेस की कथित मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने पत्र में सीडी कांड तथा हाल ही में सामने आए स्वास्थ्य विभाग के लगभग 300 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की भी निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
एसवाईएल पर भी दोहराया रुख
राजस्थान को पानी देने संबंधी समझौते पर अभय चौटाला ने कहा कि वर्ष 1994 में कांग्रेस सरकार ने भी इसी प्रकार का एमओयू किया था, जिसमें स्पष्ट था कि तीन बांध बनने तक पानी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह समझौता केवल राजनीतिक उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने दो टूक कहा, “जब तक हरियाणा को एसवाईएल का पानी नहीं मिलता, तब तक किसी भी राज्य को हरियाणा का पानी नहीं लेने देंगे।”








