मानसून की पहली बौछारों के बाद जलभराव संभावित क्षेत्रों में सक्रिय दिखाई दी जीएमडीए की टीमें

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वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़ी परियोजनाओं का किया निरीक्षण

XEN Shri Vikram Singh reviewing ongoing drainage works

गुरुग्राम, 2 जुलाई। मानसून की पहली बारिश की बौछारों के बाद गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की टीमें फील्ड में नज़र आई । जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न महत्वपूर्ण ड्रेनेज परियोजनाओं और जल भराव संभावित स्थलों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति तथा बरसाती पानी प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि इस वर्ष मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने के लिए प्राधिकरण ने कई महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपाय किए हैं। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग विंग को सभी प्रमुख ड्रेनेज परियोजनाओं की नियमित निगरानी तथा आवश्यकतानुसार समय पर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्षा के दौरान यातायात सुचारु बना रहे और नागरिकों को राहत मिल सके।

सीईओ के आदेशों की पालना करते हुए गुरुवार सुबह आई पहली बौछारों के बाद अधीक्षण अभियंता (इन्फ्रास्ट्रक्चर-2) श्री जे.के. सोरोत ने नरसिंहपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के नीचे ट्रेंचलेस तकनीक से बिछाई जा रही भूमिगत पाइपलाइन परियोजना का निरीक्षण किया। इस परियोजना के माध्यम से वर्षा जल को बादशाहपुर ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा, जिससे एनएच-48 पर बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है। परियोजना लगभग 95 प्रतिशत पूरी हो चुकी है तथा शेष कार्य बिजली और गैस पाइपलाइन के स्थानांतरण के साथ समन्वय कर शीघ्र पूरा किया जाएगा।

नरसिंहपुर में जल भराव प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जीएमडीए ने आठ उच्च क्षमता वाले पंप स्थापित किए हैं, जिनमें चार 50 एचपी, एक 65 एचपी तथा तीन 70 एचपी क्षमता के पंप शामिल हैं। इसके अलावा, वर्षा जल के बेहतर संग्रहण और निकासी के लिए सम्प वेल का निर्माण भी किया जा रहा है।

उधर, कार्यकारी अभियंता श्री विक्रम सिंह ने भी अपने अधिकार क्षेत्र में चल रहे विभिन्न ड्रेनेज कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि शहरव्यापी बाढ़ शमन योजना के तहत मिलेनियम सिटी सेंटर से सुभाष चौक मार्ग पर जलभराव वाले स्थानों पर अतिरिक्त रोड गलियों का निर्माण किया गया है, जिससे सड़क पर जमा वर्षा जल तेजी से मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क में प्रवाहित हो सकेगा।

इसके अलावा, कन्हई चौक पर क्रॉस-ड्रेनेज का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इस परियोजना के तहत सर्विस रोड पर जमा होने वाले वर्षा जल को मुख्य मार्ग के साथ बने मास्टर ड्रेन में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे जलभराव कम होगा और मानसून के दौरान यातायात संचालन बेहतर रहेगा।

श्री पी.सी. मीणा ने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले शहर की वर्षा जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अनेक इंजीनियरिंग कार्य किए जा हैं, जिनमे से कुछ पूरे कर लिए गए हैं और कुछ पर कार्य चल रहा है । अब आगामी भारी वर्षा के दौरान इन परियोजनाओं की प्रभावशीलता का आकलन किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में वर्षा जल की निकासी अधिक तेजी से होगी तथा जलभराव की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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Author: Bharat Sarathi

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