भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण ने विकास की सच्चाई उजागर कर दी : कुमारी सैलजा

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चंडीगढ़, 2 जुलाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी.) की सदस्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने के कुछ ही समय बाद उसमें बड़े-बड़े गड्ढे पड़ जाना भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और घटिया निर्माण कार्य का जीता-जागता उदाहरण है। लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे की ऐसी स्थिति यह साबित करती है कि सरकार की प्राथमिकता गुणवत्ता नहीं, बल्कि जनता के धन पर कमीशनखोरी करना रही है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि आज देश में विकास के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर सच्चाई बिल्कुल अलग है। कहीं पुल गिर रहे हैं, कहीं सड़कें धंस रही हैं, कहीं नए बने हाईवे टूट रहे हैं, तो कहीं रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की छतें ढह रही हैं। यह घटनाएं बताती हैं कि भाजपा सरकार ने विकास को केवल प्रचार का माध्यम बना दिया है, जबकि भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुल रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार लगभग हर विभाग में अपनी जड़ें जमा चुका है। आम नागरिक को छोटे-छोटे कामों के लिए भी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से त्रस्त है, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान केवल प्रचार और आत्मप्रशंसा पर केंद्रित है।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार प्रतिदिन नई-नई घोषणाएं कर जनता को गुमराह करने का प्रयास करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जिन परियोजनाओं को विकास का प्रतीक बताकर प्रस्तुत किया जाता है, वे कुछ ही समय में अपनी बदहाल स्थिति से सरकार के दावों की पोल खोल देती हैं। यदि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती, तो जनता के टैक्स के हजारों करोड़ रुपये इस प्रकार बर्बाद नहीं होते। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार को प्रचार छोड़कर जनता के प्रति जवाबदेह बनने की आवश्यकता है। देश की जनता मजबूत और टिकाऊ बुनियादी ढांचा चाहती है, न कि भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और घटिया निर्माण की ऐसी विरासत, जो उद्घाटन के कुछ समय बाद ही ढहने लगे। जनता अब सरकार से केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ईमानदार शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा करती है।

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Author: Bharat Sarathi

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