भाजपा सरकार के झूठे वादों से जनता त्रस्त, प्रदेश बिजली-पानी संकट से जूझ रहा है : कुमारी सैलजा

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चंडीगढ़, 1 जुलाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी.) की सदस्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा आज बिजली, पेयजल, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं के गंभीर संकट से गुजर रहा है, लेकिन सरकार केवल घोषणाओं और प्रचार में व्यस्त है। जनता को राहत देने के बजाय लगातार भ्रमित किया जा रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि आज पूरे प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। लगातार बिजली कटौती से आम नागरिक, किसान, व्यापारी और उद्योग सभी परेशान हैं। दूसरी ओर प्रदेश के अनेक हिस्सों में पेयजल का भी गंभीर संकट पैदा हो गया है। सिरसा जिले सहित राजस्थान सीमा से लगते अनेक गांवों में लोगों को पीने के पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यह स्थिति सरकार की विफल जल प्रबंधन नीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले वर्षों में जनता से अनेक बड़े-बड़े वादे किए। कभी स्मार्ट सिटी के सपने दिखाए गए, कभी अमृत सरोवर योजना का प्रचार किया गया, कभी वर्ष 2022 तक सभी को पक्का मकान देने का दावा किया गया, कभी किसानों की आय दोगुनी करने और कभी विदेशों से काला धन लाकर प्रत्येक नागरिक को लाभ पहुंचाने जैसी बातें कही गईं। आज इन वादों की वास्तविकता जनता के सामने है और लोग स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार हर वर्ष दावा करती है कि 20 जून तक नहरों, ड्रेनों और नालों की सफाई पूरी कर दी जाएगी, लेकिन 1 जुलाई आने के बावजूद अनेक स्थानों पर न तो सफाई कार्य पूरा हुआ है और न ही घग्गर सहित अन्य नदियों के तटबंधों को पर्याप्त रूप से मजबूत किया गया है। यदि समय रहते आवश्यक कार्य नहीं किए गए तो बरसात के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

सांसद ने कहा कि एक ओर भीषण गर्मी में लोग बिजली और पानी के संकट से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बरसात के दौरान शहरों में जलभराव की आशंका बनी हुई है। सरकार की तैयारी केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद व्यवस्थाओं में कोई स्थायी सुधार नजर नहीं आ रहा। कुमारी सैलजा ने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में अमृत योजना सहित विभिन्न शहरी विकास योजनाओं के नाम पर प्रदेश के शहरों में करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन सिरसा सहित अनेक शहरों की सड़कों, सीवरेज, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था की स्थिति आज भी अत्यंत खराब है। सिरसा शहर की हालत किसी से छिपी नहीं है, लेकिन सरकार और प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बने हुए हैं।

उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि बिजली और पेयजल संकट के समाधान के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, नहरों, ड्रेनों और नालों की सफाई युद्ध स्तर पर पूरी की जाए, घग्गर सहित सभी संवेदनशील तटबंधों को शीघ्र मजबूत किया जाए तथा अमृत योजना और अन्य विकास योजनाओं पर हुए खर्च का सार्वजनिक सामाजिक एवं तकनीकी ऑडिट कराया जाए, ताकि जनता को पता चल सके कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद विकास धरातल पर क्यों दिखाई नहीं दे रहा।

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Author: Bharat Sarathi

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