ईको-सेंसिटिव जोन में नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
गुरुग्राम, 30 जून- गुरुग्राम जिले में स्थित सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण तथा पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ईको-सेंसिटिव जोन) में लागू नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को लघु सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, अवैध निर्माण गतिविधियों पर निगरानी, विभागीय समन्वय तथा ईको-सेंसिटिव जोन से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा की गई। डीसी ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान के आसपास चल रहे सभी निर्माण कार्यों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य की सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) तथा संबंधित विभागों से ली गई अनुमतियों का सत्यापन किया जाए। यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
बैठक में डीडब्ल्यूएलओ रामकुमार ने बताया गया कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि है। हरियाणा सरकार ने सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान से सटी पांच किलोमीटर की परिधि को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया है। इस क्षेत्र में नए व्यावसायिक निर्माण, मोबाइल टावर तथा कांच के अग्रभाग वाली इमारतों के निर्माण पर प्रतिबंध है। इसके अलावा सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक, ठोस अपशिष्ट एवं फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध तथा उद्यान के आसपास लाउडस्पीकर और तेज हॉर्न के उपयोग पर भी रोक है।
डीसी ने कहा कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान गुरुग्राम की प्राकृतिक धरोहर है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े सभी नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करें, ताकि यहां आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में डीआरओ विजय यादव, डीडब्ल्यूएलओ रामकुमार, डीटीपी एन्फोर्समेंट अमित मधोलिया, डीटीपी आर.एस. भाट, डीएफओ सुरेंद्र तथा एईई दिव्यांशु उपस्थित रहे।







