‘भक्तों की आस्था के साथ विश्वासघात, धार्मिक दृष्टि से भी महापाप’
चंडीगढ़, 28 जून। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी भेदभाव के कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हुड्डा ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण और विकास के लिए देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा, विश्वास और समर्पण के साथ दान दिया है। ऐसे में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और घोटाले के आरोप न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं को भी आहत करने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि चढ़ावे की चोरी केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी महापाप है। भक्तों द्वारा दिया गया प्रत्येक रुपया उनकी अटूट आस्था और विश्वास का प्रतीक है। ऐसे में इस धन का दुरुपयोग या उसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ सीधा विश्वासघात है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि धार्मिक संस्थानों और जनसहयोग से संचालित परियोजनाओं में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के सर्वोच्च मानकों का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी, जमीन और अन्य कथित अनियमितताओं के मामलों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, चाहे उसका पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
हुड्डा ने यह भी मांग की कि पूरे मामले में अब तक सामने आई सभी अनियमितताओं, चढ़ावे में हुई कथित सेंधमारी, आरोपियों से हुई बरामदगी और चोरी को अंजाम देने के तरीके की विस्तृत जानकारी पूरी पारदर्शिता के साथ देश के सामने रखी जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसलिए तथ्यों को सार्वजनिक करना और लोगों का विश्वास बनाए रखना बेहद आवश्यक है।








