नगरपालिका व फायर कर्मचारियों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मांगें पूरी नहीं हुईं तो 15 अगस्त को धरनास्थल पर ध्वजारोहण, अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

गुरुग्राम, 12 अगस्त (अशोक)। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन की राज्यव्यापी हड़ताल बुधवार को सातवें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने घोषणा की है कि वे 15 अगस्त को धरनास्थल पर ही राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलने की चेतावनी भी दी गई है।

कर्मचारी भवन, रोहतक में हुई संघ की बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति तय की गई। संघ के राज्य प्रधान बसंत कुमार ने बताया कि 15 अगस्त तक सरकार ने मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रखी जाएगी।

उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद 20 अगस्त से आम जनता के बीच पर्चे बांटकर और नुक्कड़ सभाएं आयोजित करके कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में जनमत तैयार किया जाएगा।

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

गुरुग्राम के पुराने नगर निगम कार्यालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता सम्मी बोहत और साहून खान ने संयुक्त रूप से की। संचालन धर्मेंद्र जिंघाला तथा भारत कांगड़ा ने किया।

कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार 13 मई को हुए समझौते को लागू नहीं करके कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। यूनियन नेता सुनील कुमार ने कहा कि सरकार बार-बार वार्ता के नाम पर कर्मचारियों को गुमराह कर रही है, लेकिन सहमति के बावजूद आदेश जारी नहीं किए जा रहे।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

कर्मचारियों ने कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने और छंटनीग्रस्त 3,480 कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की। इसके अतिरिक्त ठेका प्रथा समाप्त करने, न्यूनतम मासिक वेतन 15,200 रुपये और निर्धारित श्रम लाभ देने, सफाई कर्मचारियों को पांच हजार रुपये जोखिम भत्ता तथा फायर कर्मचारियों को वर्दी भत्ता देने की मांग उठाई गई।

यूनियन ने फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारी रणबीर के आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी दोहराई।

हड़ताली कर्मचारियों के आंदोलन को सर्व कर्मचारी संघ, सीटू और टूरिज्म कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने भी समर्थन दिया।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें