पाबड़ा में किसान सभा का तहसील स्तरीय सेमिनार, नहरी पानी की मांग पर 22 अक्टूबर को हिसार में सौंपेंगे ज्ञापन

उकलाना, 28 सितंबर। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर अखिल भारतीय किसान सभा ने गांव पाबड़ा में तहसील स्तरीय सेमिनार आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उकलाना तहसील अध्यक्ष मास्टर फूल सिंह ने की और संचालन सचिव प्रदीप बूरा ने किया। किसान सभा की राज्य कमेटी के सदस्य एवं जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सेमिनार को संबोधित करते हुए पूनिया ने कहा कि भगत सिंह के विचार और बलिदान देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके सपनों का भारत बनाने के लिए सामाजिक और आर्थिक समानता की दिशा में संघर्ष करना होगा। उन्होंने बच्चों को वैज्ञानिक शिक्षा के लिए प्रेरित करने तथा नशाखोरी, सामाजिक बुराइयों, पाखंड और अंधविश्वास से दूर रखने का आह्वान किया।
पूनिया ने कहा कि भगत सिंह समाजवादी विचारों के पक्षधर थे। उनका संघर्ष केवल अंग्रेजी शासन से मुक्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि वे ऐसे समाज का सपना देखते थे, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, भोजन, वस्त्र, आवास और अन्य मूलभूत सुविधाएं मिलें। सभी को समान अवसर तथा बोलने, पढ़ने और लिखने की स्वतंत्रता मिले।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जाति, धर्म और मंदिर-मस्जिद के नाम पर मेहनतकश जनता को बांटकर ‘फूट डालो, राज करो’ की नीति अपना रही है। उन्होंने लोगों से आपसी एकता बनाए रखने और भगत सिंह के विचारों को जीवन में अपनाने की अपील की।
नहरी पानी के लिए उठाएंगे आवाज
तहसील अध्यक्ष मास्टर फूल सिंह, सचिव प्रदीप बूरा, किसान नेता सत्यवान रेढू और सहसचिव मास्टर बलराज सिंह ने बताया कि फरीदपुर माइनर को पाबड़ा नहर से जोड़कर पानी छोड़ने की मांग को लेकर 22 अक्टूबर को हिसार में संबंधित अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने किसानों से इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सत्यवान रेढू, रमेश कुंडू, सुरेश नंबरदार, मास्टर बलराज सिंह, सतपाल खैरी, कृष्ण खैरी, सतबीर बलोदा, रघबीर दौलतपुर, मुकेश, इंद्र सिंह पाबड़ा, ओमड़, लीला फरीदपुर, पाला किनाला और सतबीर फरीदपुर सहित अन्य किसान नेताओं ने भगत सिंह के जीवन और विचारों पर चर्चा की।








