एचआईवी, एड्स और टीबी से बचाव के उपायों की दी गई जानकारी, जवानों ने मैराथन में भी लिया भाग

गुरुग्राम, 26 जून- अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र (आरटीसी) भौंडसी के सभागार में नशा मुक्त समाज और एड्स के प्रति जागरूकता विषय पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आरटीसी भौंडसी के.के. राव के निर्देशानुसार तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. अंशु सिंगला के मार्गदर्शन में किया गया।
संगोष्ठी में सिविल अस्पताल गुरुग्राम से उप-सिविल सर्जन डॉ. रंजना मल्होत्रा, डॉ. अरुण सैनी तथा उनकी टीम ने एचआईवी, एड्स और टीबी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि एड्स कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि कई बीमारियों का समूह है। एचआईवी संक्रमण से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है, जिससे सामान्य बीमारियां भी गंभीर रूप ले सकती हैं।

उन्होंने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई या ब्लेड का उपयोग, संक्रमित रक्त चढ़ाने तथा गर्भवती महिला से शिशु में संक्रमण के कारण एचआईवी फैल सकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच और सावधानी ही इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

विशेषज्ञों ने टीबी मुक्त भारत ऐप के बारे में भी जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से टीबी की पहचान, उपचार और बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान आरटीसी के आउटडोर स्टाफ, इंडोर स्टाफ, एडब्ल्यूटी कोर्स के प्रशिक्षुओं तथा प्रथम वाहिनी आईआरबी के जवानों को एचआईवी, एड्स और टीबी से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर आरटीसी भौंडसी के अमित कुमार ने सुबह 7 बजे हरी झंडी दिखाकर जागरूकता मैराथन को रवाना किया। मैराथन में आरटीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों, प्रशिक्षुओं तथा प्रथम वाहिनी आईआरबी के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नशा मुक्त समाज और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।
अमित कुमार ने मुख्य वक्ता डॉ. अरुण सैनी, डॉ. रंजना मल्होत्रा, डॉ. शिखा गर्ग तथा सिविल अस्पताल की पूरी टीम को स्मृति चिन्ह भेंट किया।







