बैंकों के ऋण-जमा अनुपात व शासकीय योजनाओं की हुई समीक्षा
जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति व समीक्षा समिति की बैठक में एमएसएमई, कृषि ऋण, प्राथमिकता क्षेत्र अग्रिम और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की बैंकवार समीक्षा

गुरुग्राम, 25 जून- एडीसी सोनू भट्ट की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलआरएसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीसीसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान जिले की बैंकिंग गतिविधियों, विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा स्वरोजगार कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। बैंकों की सक्रिय भागीदारी से स्वरोजगार, उद्यमिता और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) विनोद बजाज ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले की कुल जमा राशि मार्च 2025 के 3 लाख 57 हजार 577 करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2026 में 4 लाख 14 हजार 181 करोड़ रुपये हो गई, जो 15.83 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। इसी अवधि में कुल ऋण वितरण 2 लाख 90 हजार 870 करोड़ रुपये से बढ़कर 3 लाख 65 हजार 892 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 25.79 प्रतिशत की वृद्धि है। जिले का ऋण-जमा अनुपात 88.40 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी बेहतर है।
प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत कुल ऋण वितरण 85 हजार 927 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 85 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। वार्षिक ऋण योजना के तहत प्राथमिकता क्षेत्र में 51 हजार 914 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 59 हजार 115 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया, जो 113.87 प्रतिशत उपलब्धि है। वहीं एमएसएमई क्षेत्र में 45 हजार 491 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 54 हजार 578 करोड़ रुपये का ऋण वितरण कर लगभग 120 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 10 लाख से अधिक, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 3.73 लाख से अधिक तथा अटल पेंशन योजना के तहत 2.52 लाख से अधिक लोगों को जोड़ा गया है। इससे बड़ी संख्या में परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।
रुडसेट संस्थान द्वारा जनवरी से मार्च 2026 के दौरान आयोजित 10 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 297 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 187 युवाओं ने स्वरोजगार अथवा रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। एडीसी सोनू भट्ट ने कहा कि कौशल विकास और उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रहे हैं।
उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं के लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करें तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में अग्रणी जिलाधिकारी भारतीय रिजर्व बैंक चंडीगढ़ यश भारद्वाज, डीडीएम गुरुग्राम मयंक प्रताप सिंह, कैनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय डीजीएम नरेश कुमार सहित सरकारी एवं गैर-सरकारी बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।








