
गुरुग्राम। सेक्टर-14 स्थित आईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे निर्माण एवं खुदाई कार्यों के कारण उद्यमियों और आम लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर आईडीसी के प्रधान धर्मसागर की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उद्यमी सुनील दत्ता, विजय टंडन, देवेंद्र जैन, प्रवीण वर्मा, तरुण खन्ना सहित अनेक उद्योगपतियों ने भाग लिया।
नगर निगम के आदेशों की हो रही अनदेखी
बैठक को संबोधित करते हुए धर्मसागर ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम ने धूल प्रदूषण पर नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्माण, मरम्मत, तोड़फोड़ एवं खुदाई स्थलों पर कॉरुगेटेड जीआई अथवा धातु शीट की बैरिकेडिंग अनिवार्य करने के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय सराहनीय है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी पालना नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि शहर के अधिकांश निर्माण कार्य बिना बैरिकेडिंग के संचालित किए जा रहे हैं, जिससे लगातार धूल और मिट्टी उड़ रही है तथा प्रदूषण बढ़ रहा है। आईडीसी क्षेत्र में भी निर्माण एजेंसियां नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रही हैं।
छह महीने से चल रहा काम, प्रगति बेहद धीमी

धर्मसागर ने बताया कि आईडीसी क्षेत्र में करीब छह माह से निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन अब तक निर्धारित कार्य का बहुत कम हिस्सा ही पूरा हो पाया है। जो कार्य दो माह में पूरा होना चाहिए था, उसका मात्र 5 से 7 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है।
उन्होंने कहा कि मुख्य सड़कों को कई स्थानों पर खोद दिया गया है, जिससे उद्यमियों, कर्मचारियों, कामगारों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खराब सड़कों और खुले गड्ढों के कारण वाहन चालकों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है।
हादसों का बढ़ रहा खतरा
आईडीसी प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में कई दोपहिया और चौपहिया वाहन गड्ढों में फंस चुके हैं। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रशासन अक्सर दुर्घटना होने के बाद ही जागता है, जबकि वर्तमान परिस्थितियां पहले से ही गंभीर हैं। निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग नहीं होने से लोगों की जान-माल की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
मुख्यमंत्री और निगमायुक्त को भेजी जा चुकी हैं शिकायतें
धर्मसागर ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की जा चुकी है तथा निगमायुक्त से भी कई बार गुहार लगाई गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब एक बार फिर उपायुक्त और निगमायुक्त को पत्र भेजकर निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
मानसून से और बिगड़ सकती है स्थिति
उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने वाला है। यदि बारिश से पहले निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो क्षेत्र की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी। जलभराव, कीचड़ और टूटी सड़कों के कारण उद्योगों का कामकाज प्रभावित होगा तथा आवागमन भी मुश्किल हो जाएगा।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
धर्मसागर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्यों में तेजी नहीं लाई गई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो आईडीसी के उद्यमी नगर निगम आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना देने को मजबूर होंगे।
उन्होंने कहा कि उद्योग जगत लंबे समय से समस्याओं को झेल रहा है और अब उद्यमियों का धैर्य जवाब दे रहा है। प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पूरा कराना चाहिए ताकि उद्योगों और आम जनता को राहत मिल सके।








