बिजली बचत के प्रति जागरूकता अभियान तेज
गुरुग्राम, 24 जून, 2026। दक्षिण एवं उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगमों (डीएचबीवीएन एवं यूएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार बिजली बचत एवं ऊर्जा दक्षता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से उपभोक्ताओं से बिजली की बचत कर अपने बिजली बिल में कमी लाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया जा रहा है।
प्रबंध निदेशक ने जारी जागरूकता संदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा संरक्षण संबंधी विचारों को सांझा करते हुए कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता को जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा उत्पादन का सबसे किफायती, सुलभ और प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने उपभोक्ताओं को ऊर्जा दक्ष एलईडी बल्बों का उपयोग करने, स्मार्ट थर्मोस्टेट स्थापित करने, अनावश्यक विद्युत उपकरणों एवं स्टैंडबाय मोड में चल रहे उपकरणों को बंद रखने, उपयोग न होने पर लाइटें बंद करने तथा अनावश्यक बिजली खपत से बचने की सलाह दी। साथ ही सौर ऊर्जा को अपनाने, ऊर्जा दक्ष घरेलू उपकरणों का उपयोग करने, गर्म पानी के टैंकों की नियमित जांच कराने तथा भवनों की छतों एवं दीवारों का उचित इन्सुलेशन कराने जैसे उपायों को भी बिजली बचत के प्रभावी साधन बताया।
श्री विक्रम सिंह ने प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध विभिन्न प्रोत्साहनों और सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी बिजली लागत में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने से न केवल बिजली बिल में कमी आती है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलता है। रूफटॉप सोलर प्रणाली स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा का विश्वसनीय स्रोत होने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रबंध निदेशक ने नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से न केवल बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है, बल्कि ऊर्जा संसाधनों के संरक्षण तथा स्वच्छ, हरित और सतत पर्यावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।








