पोंड रिवाइवल कमेटी की बैठक में कार्यों की समीक्षा, पुनर्जीवित तालाबों को मत्स्य पालन के लिए उपयोग में लाने पर हुआ विचार
गुरुग्राम, 24 जून। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा गठित पोंड रिवाइवल कमेटी की सुनियोजित कार्ययोजना और निरंतर प्रयास अब धरातल पर सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। निगम क्षेत्र के अनेक तालाबों (पोंड) का पुनर्जीवन कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, जिससे एक ओर शहर के विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर इन तालाबों को मत्स्य पालन के लिए उपयोग में लाकर निगम की आय बढ़ाने की दिशा में भी संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।
बुधवार को नगर निगम कार्यालय में निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित पोंड रिवाइवल कमेटी की बैठक में विभिन्न तालाबों पर किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 के लिए तैयार किए गए पोंड एक्शन प्लान के तहत प्राथमिकता वाले 28 तालाबों के पुनर्जीवन, गहरीकरण, डी-सिल्टिंग, जलधारण क्षमता बढ़ाने तथा वर्षा जल संचयन से जोड़ने का कार्य तेजी से किया गया है।
जलभराव की समस्या के समाधान में मिल रही बड़ी सफलता
बैठक में बताया गया कि नगर निगम ने उन तालाबों को प्राथमिकता दी है, जो जलभराव वाले हॉटस्पॉट क्षेत्रों के निकट स्थित हैं। इन तालाबों की जलधारण क्षमता बढ़ाकर तथा वर्षा जल निकासी तंत्र से जोड़कर मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफलता मिलेगी । कई स्थानों पर तालाबों में स्टॉर्म वाटर की उचित निकासी एवं संग्रहण व्यवस्था विकसित की गई है, जिससे अतिरिक्त वर्षा जल का संचयन संभव हो सका है।
28 प्राथमिकता वाले तालाबों पर विशेष फोकस
नगर निगम द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के प्रथम चरण में 28 प्राथमिकता वाले तालाबों पर कार्य किया गया है। इन तालाबों में अतिक्रमण हटाने, डी-सिल्टिंग, खुदाई, तालाबों की गहराई बढ़ाने, तटबंधों को मजबूत करने तथा वर्षा जल को तालाबों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक संरचनात्मक कार्य किए गए। इसके परिणामस्वरूप कई तालाबों की जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
अब तक 12 तालाबों की डी-वाटरिंग पूरी, शेष पर कार्य तेजी से जारी
पोंड रिवाइवल कमेटी द्वारा मानसून की तैयारियों के तहत शहर के 12 तालाबों की डी-वाटरिंग एवं पुनर्जीवन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए गए हैं। इन तालाबों में कादीपुर, समसपुर, साउथ सिटी-2, बेगमपुर खटोला, बादशाहपुर, धनवापुर, बसई दादा भैया, सरहौल तथा सुभाष नगर सहित प्रमुख तालाब शामिल हैं। तालाबों की जलधारण क्षमता बढ़ाने, जलभराव की समस्या कम करने तथा वर्षा जल संचयन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह कार्य किया गया है। वहीं नूरपुर झाड़सा, बसई गांव एवं धनकोट के तालाबों पर डी-वाटरिंग कार्य तेजी से जारी है।
दूसरे चरण में सौंदर्यीकरण और सामुदायिक उपयोग पर जोर
बैठक में बताया गया कि दूसरे चरण में 52 अन्य तालाबों के सौंदर्यीकरण और सामुदायिक उपयोगिता बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके तहत तालाबों के आसपास पौधारोपण, वॉकिंग ट्रैक, बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, बैठने की व्यवस्था, सोलर लाइट, ओपन जिम, गज़ेबो तथा अन्य जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि ये जल संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन सकें।
मत्स्य पालन से बढ़ेगी निगम की आय
बैठक में पुनर्जीवित एवं जल से भरपूर तालाबों को मत्स्य पालन के लिए उपयोग में लाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। कमेटी का मानना है कि इससे तालाबों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित होगा और नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। इस संबंध में आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर कार्य किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को मिलेगी मजबूती
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि पोंड रिवाइवल अभियान से न केवल जलभराव की समस्या का समाधान हो रहा है, बल्कि भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी शहर के अधिक से अधिक तालाबों को पुनर्जीवित कर उन्हें स्थायी जल संरक्षण संरचनाओं के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा आगामी मानसून को देखते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि गुरुग्राम को जलभराव मुक्त एवं पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, कार्यकारी अभियंता तुषार यादव व संदीप धुंधवाल, पोंड रिवाइवल कमेटी के सदस्य तिलकराज मल्होत्रा, पार्षद अनूप सिंह, कुलदीप यादव, विकास यादव, राकेश यादव, विक्रमजीत, अनिल यादव, अशोक पहलवान व मुकेश जेलदार सहित सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।








