दो माह से बिजली निगम कार्यालय के सामने जमा गंदा पानी, शिकायतों के बावजूद प्रशासन निष्क्रिय; उद्यमियों ने उठाए सवाल

गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम के पुराने और नए हिस्से को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क एमजी रोड इन दिनों बदहाली की दास्तां बयां कर रही है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, स्थायी जलभराव और बढ़ते अतिक्रमण ने इस महत्वपूर्ण मार्ग को लोगों के लिए परेशानी का सबब बना दिया है। राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय व्यापारियों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
उद्यमी धर्मसागर, सुनील दत्ता, विजय टंडन, देवेंद्र जैन, प्रवीण वर्मा और तरुण खन्ना ने एमजी रोड की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसी मार्ग पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर का मुख्य कार्यालय स्थित है। विडंबना यह है कि पिछले लगभग दो महीनों से कार्यालय के ठीक सामने गंदा पानी जमा है, जिससे अधिकारियों, कर्मचारियों और अपनी शिकायतों के समाधान के लिए आने वाले उपभोक्ताओं को बदबूदार पानी के बीच से होकर कार्यालय तक पहुंचना पड़ रहा है।
उद्यमियों ने आरोप लगाया कि सड़क की जर्जर हालत के साथ-साथ अवैध अतिक्रमण ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। पूरे मार्ग पर रेहड़ी-पटरी संचालकों का कब्जा बना हुआ है, जिससे सड़क की चौड़ाई लगातार सिमटती जा रही है। इसके अलावा सड़क किनारे स्थित पेट्रोल पंपों पर लगने वाली वाहनों की लंबी कतारें मुख्य सड़क तक फैल जाती हैं, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है।
उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े गड्ढों, जलभराव और अव्यवस्थित यातायात के कारण एमजी रोड पर वाहनों की गति लगभग थम सी गई है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब वाहन घंटों तक रेंगने को मजबूर रहते हैं। इससे न केवल लोगों के बहुमूल्य समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि ईंधन की भी भारी खपत हो रही है, जिससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उद्यमियों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे कई बार संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को लिखित एवं मौखिक शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है। धरातल पर स्थिति सुधारने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि एमजी रोड पर तत्काल सड़क मरम्मत, जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, अवैध अतिक्रमण हटाने और यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि गुरुग्राम की इस महत्वपूर्ण सड़क को उसकी पहचान और गरिमा वापस मिल सके।







