महिलाओं की सुरक्षा, स्कीम वर्कर्स की समस्याएं और बसों में 33 प्रतिशत आरक्षण सहित कई मुद्दे उठाए

गुरुग्राम, 18 जून। जनवादी महिला समिति और सीटू से संबंधित कामकाजी महिला समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी से मुलाकात कर कुरुक्षेत्र में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने तथा महिलाओं से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान, राज्य अध्यक्ष सविता, महासचिव उषा सरोहा तथा सीटू से संबंधित कामकाजी महिला समन्वय समिति की संयोजक रानी देवी शामिल थीं। प्रतिनिधिमंडल ने कुरुक्षेत्र के नागरिक अस्पताल में नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बेहतर चिकित्सा एवं मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने तथा मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने की मांग उठाई।

महिला नेताओं ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराध गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की जवाबदेही तय की जानी चाहिए और पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा, लैंगिक उत्पीड़न संबंधी शिकायतों के प्रभावी निपटारे, सरकारी बसों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड और डिलीवरी हट्स से जुड़ी समस्याओं, आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील तथा अन्य स्कीम वर्कर्स की मांगों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा जैसे मुद्दों को भी आयोग के समक्ष रखा।
महिला आयोग अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र प्रकरण सहित महिलाओं से जुड़े सभी गंभीर मामलों में आयोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा तथा संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त कर आवश्यक कदम उठाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए तथा पीड़िताओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को अधिक तेज, संवेदनशील और जवाबदेह बनाया जाए।








