निर्वाचन कार्यों में कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं; बीएलओ सहित आयोग के अधीन प्रतिनियुक्त अधिकारियों को दायित्वों के निर्वहन के सख्त निर्देश
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जिम्मेदारियों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ एफआईआर, विभागीय कार्रवाई और निलंबन तक संभव
गुरुग्राम, 18 जून। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन कार्यों की शुचिता एवं मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए गुरुग्राम सहित प्रदेश भर में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी है। आयोग ने बूथ लेवल अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों के तहत निर्वाचन संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या आयोग के निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा।
डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उत्तम सिंह ने बताया कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13बी(2) के तहत निर्वाचन पंजीयन अधिकारी द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की स्वीकृति से बीएलओ की नियुक्ति की जाती है। नियुक्ति के उपरांत बीएलओ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13सीसी के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग के अधीन प्रतिनियुक्ति पर माने जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई बीएलओ निर्वाचन कार्यों के निर्वहन में लापरवाही, कर्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता, आयोग के निर्देशों की अवहेलना अथवा मतदाता सूची की शुद्धता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
श्री उत्तम सिंह ने बताया कि आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी संबंधित बीएलओ को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर सकते हैं। गंभीर मामलों में, जहां आपराधिक कदाचार पाया जाता है, वहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी की स्वीकृति उपरांत संबंधित बीएलओ के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है। आयोग द्वारा जारी निर्देशों में यह भी बताया गया है कि ऐसे मामलों में की जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई मुख्य निर्वाचन अधिकारी की पूर्व सहमति के बिना समाप्त नहीं की जा सकती।
डीसी ने सभी बीएलओ तथा निर्वाचन कार्यों से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन करें तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण सहित सभी निर्वाचन संबंधी कार्यों को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय निर्वाचन प्रक्रिया सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।







