कांग्रेस महासचिव बोलीं— बढ़ती कीमतों से आम आदमी परेशान, वैश्विक बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद नहीं मिल रही राहत
चंडीगढ़/सिरसा, 17 जून। सिरसा से सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने बढ़ती महंगाई और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महंगाई आज देश के करोड़ों परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है और आम आदमी का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
सैलजा ने कहा कि रसोई का खर्च, बच्चों की शिक्षा, बिजली, परिवहन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर लगातार बढ़ता बोझ लोगों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है। जबकि आम नागरिकों की आय में उस अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है, जिससे वे बढ़ती महंगाई का सामना कर सकें।
उन्होंने कहा कि मई माह में थोक महंगाई दर में वृद्धि और आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतें इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में असफल रही है। खाद्य पदार्थों, बिजली और ईंधन की बढ़ती लागत का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।
कांग्रेस महासचिव ने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आने के बावजूद देशवासियों को उसका लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में ब्रेंट क्रूड की कीमतें अपने उच्च स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं, लेकिन पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में उसी अनुपात में कमी देखने को नहीं मिल रही।
सैलजा ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में केंद्र सरकार ने कई बार एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। अब जबकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम घटे हैं, सरकार को तत्काल पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती कर आम जनता को राहत देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के लिए महंगाई भले ही केवल एक आर्थिक आंकड़ा हो, लेकिन किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, गृहिणियों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह रोजमर्रा के संघर्ष का विषय है। जनता जानना चाहती है कि आखिर उसे महंगाई से राहत कब मिलेगी और कब तक उसकी जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला जाता रहेगा।
कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए तथा पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में तत्काल कमी की जाए, ताकि महंगाई से जूझ रहे देशवासियों को राहत मिल सके।








