विधायी परम्पराओं, संसदीय प्रक्रियाओं और सुशासन के विभिन्न विषयों पर हुआ विचार-विमर्श
सहकारी समितियों व स्वयं सहायता समूहों के बारे में भी हुई बात

चंडीगढ़, 15 जून। राजस्थान विधान सभा की लोक लेखा समिति (पब्लिक अकाउंट्स कमेटी) के सदस्यों ने सोमवार को हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से शिष्टाचार भेंट कर विभिन्न विधायी एवं संसदीय विषयों पर सार्थक चर्चा की। समिति के 9 सदस्य अपने चेयरपर्सन टीकाराम जुली के नेतृत्व में हरियाणा विधान सभा के अध्ययन दौरे पर आए हुए हैं। टीकाराम जुली राजस्थान विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं।
बैठक के दौरान दोनों राज्यों की विधान सभाओं की कार्यप्रणाली, संसदीय परम्पराओं, समितियों की भूमिका तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। समिति के सदस्यों ने राजस्थान विधान सभा में अपनाई जा रही विभिन्न विधायी प्रक्रियाओं, नियमों एवं सर्वोत्तम प्रथाओं की जानकारी साझा की, वहीं हरियाणा विधान सभा की नवाचार आधारित पहलों एवं कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। टीकाराम के अनुसार वहां की कमेटी में सदस्यों की उपस्थिति लगभग पूरी होती है। सदस्य होमवर्क करके समितियों की बैठकों में आते हैं। इस कारण से उनके प्रश्न प्रभावशाली होते हैं। राजस्थान लोक सेवा समिति के अनुसार प्रदेश में सहकारी समितियां और स्वयं सहायता समूह बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। पीएसी इन समूहों की ओर से संचालित हाट का भी निरीक्षण करती हैं।
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि विभिन्न विधानमंडलों के बीच इस प्रकार के अध्ययन दौरे और संवाद लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक सशक्त बनाने के साथ-साथ श्रेष्ठ संसदीय परम्पराओं के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए उनके अध्ययन दौरे की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।








