अग्निकांड के बाद बंद किए गए तीनों हॉल दोबारा खोलने की मांग, जिला प्रशासन को चेतावनी
गुरुग्राम, 10 जून (अशोक)। जिला अदालत परिसर में अधिवक्ताओं के लिए बने हॉल नंबर-1, 2 और 3 को पुनः खोलने की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 30 जून तक इन हॉलों को अधिवक्ताओं के उपयोग के लिए नहीं खोला गया तो 1 जुलाई से अधिवक्ता स्वयं अपनी-अपनी सीटों पर बैठकर कार्य करना शुरू कर देंगे।
बुधवार को जिला अदालत परिसर स्थित बार एसोसिएशन कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बार अध्यक्ष सी.के. शर्मा, पूर्व अध्यक्ष कुलभूषण भारद्वाज, अजय चौधरी, संतोख सिंह और सुभाष ग्रोवर सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने यह घोषणा की।
बार पदाधिकारियों ने बताया कि गत माह अदालत परिसर के रिकॉर्ड रूम में भीषण आग लगने के बाद सुरक्षा कारणों से जिला प्रशासन ने अधिवक्ताओं के हॉल नंबर-1, 2 और 3 को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। प्रशासन ने आशंका जताई थी कि किसी भी समय अप्रिय घटना घट सकती है, इसलिए अधिवक्ताओं को इन हॉलों में बैठने और कार्य करने से रोक दिया गया था।
उन्होंने कहा कि अग्निकांड को काफी समय बीत चुका है तथा सफाई और मरम्मत का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि इन हॉलों में अधिवक्ताओं के बैठने और कार्य करने में अब कोई तकनीकी या सुरक्षा संबंधी बाधा नहीं है।
जस्टिस टॉवर में चैंबर सुविधा नहीं
वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बताया कि अदालत परिसर के निकट निर्मित जस्टिस टॉवर में संभवतः जुलाई माह के दौरान सभी अदालतों को स्थानांतरित किया जाना है। लेकिन वहां अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में अधिवक्ताओं को अपने मुवक्किलों से मिलने और मुकदमों की प्रभावी पैरवी करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
बार एसोसिएशन के अनुसार, इन तीनों हॉलों में मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता बैठते हैं और उनके पास कार्य करने के लिए कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं है।
उच्च न्यायालय और सरकार को भी भेजा ज्ञापन
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में वे सर्वोच्च न्यायालय, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, हरियाणा सरकार तथा जिला प्रशासन को भी अवगत करा चुके हैं। हॉल बंद रहने के कारण अधिवक्ताओं में व्यापक रोष व्याप्त है।
बार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें किसी बड़े आंदोलनात्मक कदम के लिए मजबूर न होना पड़े।
प्रेस वार्ता के दौरान बार एसोसिएशन के अनेक सदस्य और अधिवक्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।








