एआई आधारित इंटरप्रेटेशन, ट्रांसस्क्रिप्शन, अनुवाद तथा इनके प्रकाशन से विधान सभा की कार्यप्रणाली होगी अधिक सरल, तेज और प्रभावी : हरविन्द्र कल्याण

चंडीगढ़, 27 जुलाई – हरियाणा विधान सभा सचिवालय में सोमवार को केंद्र सरकार की राष्ट्रीय भाषा प्रौद्योगिकी पहल ‘भाषिणी’ के उपयोग एवं एआई आधारित इंटरप्रेटेशन, ट्रांसस्क्रिप्शन, अनुवाद तकनीकों पर एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रकाशन, अनुवाद तथा नेवा शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भाषिणी प्लेटफॉर्म की विभिन्न सेवाओं तथा उनके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर डिजीटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग और उनकी टीम ने विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि हरियाणा विधान सभा में क्षमता संवर्धन एक सतत प्रक्रिया है और यह कार्यशाला उसी निरंतर प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प के अनुरूप उभरती हुई डिजिटल एवं तकनीकी नवाचारों को अपनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भाषिणी के सहयोग से एआई आधारित अनुवाद एवं प्रकाशन की व्यवस्था विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस प्रणाली का संसद में उपयोग पर भी प्रस्तुति दी। यह पहल कागज आधारित व्यवस्था से डिजिटल भविष्य की ओर बढ़ने तथा स्मार्ट विधान सभा के निर्माण की दिशा में एक और मजबूत कदम है। इससे कार्य की गति, सुविधा, खर्च में कमी और अभिलेखों के संरक्षण को नई शक्ति मिलेगी।

विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन का ज्ञान समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुलभ होना चाहिए। विधान सभा की कार्यवाही एवं अन्य सामग्री को सरल और शीघ्र उपलब्ध कराना लोकतांत्रिक पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ करेगा। इससे जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के साथ-साथ नागरिकों तथा शोधकर्ताओं को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधान सभा सचिवालय पूर्व में भी विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता को लगातार सुदृढ़ करता रहा है और उन्हें विश्वास है कि भाषिणी पर यह पहल भी विधान सभा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगी।
उन्होंने प्रकाशन, अनुवाद तथा नेवा शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग अपने दैनिक कार्यों में करें, ताकि नई तकनीकों का अधिकतम लाभ विधान सभा की कार्यप्रणाली में प्राप्त हो सके। सभी कर्मचारियों में कार्यशाला को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
इस कार्यशाला को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को अपनाना आवश्यक है, किन्तु तकनीक के साथ मानवीय संवेदनशीलता, परिश्रम और सजगता की भूमिका सदैव सर्वोपरि रहेगी।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि सभी मिलकर सीखने की संस्कृति को आगे बढ़ाएं, नई तकनीकों को आत्मसात करें और हरियाणा विधान सभा को देश की अग्रणी डिजिटल विधानसभाओं में स्थापित करने के संकल्प को साकार करें। कार्यशाला को विधान सभा अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव, सचिव राजीव प्रसाद ने भी संबोधित किया।कार्यशाला के दौरान डिजीटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ नाग ने भाषिणी की अवधारणा, कार्यप्रणाली तथा एआई आधारित भाषा तकनीकों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान डिजीटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के अन्य अधिकारियों ने भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से भाषिणी के द्वारा भारतीय भाषाओं के बीच संवाद को सरल, सहज एवं सुलभ बनाना तथा भाषा संबंधी बाधाओं को समाप्त करने की तरकीबें बताई। उन्होंने भाषिणी के माध्यम से अनुवाद, स्पीच से टेक्स्ट, टेक्स्ट से स्पीचसहित अनेक एआई आधारित भाषा सेवाओं की जानकारी दी।








