डिकॉय ऑपरेशन के जरिए महिला दलाल और फर्जी अल्ट्रासाउंड संचालक गिरफ्तार, पोर्टेबल मशीन से चल रहा था अवैध कारोबार
सीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह ने कहा, कन्या भ्रूण हत्या और लिंग जांच जैसे अपराधों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा

गुरुग्राम, 05 जून। गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में संचालित अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकवीर सिंह को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर किए गए डिकॉय ऑपरेशन में एक महिला दलाल और अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड करने वाले व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ा गया।
सीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह द्वारा मामले की जांच एवं कार्रवाई के लिए पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह सोलंकी तथा मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरीश कुमार को अधिकृत किया गया। जांच में सामने आया कि गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच के लिए बिजनौर ले जाया जाता था। इस कार्य के लिए रेनू नामक महिला दलाल 25 हजार से 40 हजार रुपये तक की राशि वसूलती थी।
सूचना के सत्यापन के लिए जिला उपयुक्त प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी, गुरुग्राम द्वारा एक विशेष टीम गठित की गई और एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक बनाया गया। दलाल रेनू ने भ्रूण लिंग जांच के लिए 25 हजार रुपये की मांग की और अग्रिम राशि ऑनलाइन प्राप्त करने के बाद डिकॉय ग्राहक को नई दिल्ली से बिजनौर ले जाया गया। इस दौरान गुरुग्राम की टीम पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रही तथा स्थानीय प्रशासन और पीसीपीएनडीटी अधिकारियों को भी सूचित किया गया।
जांच के दौरान बिजनौर स्थित एक निजी मकान में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के माध्यम से अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड कर भ्रूण का लिंग बताया गया। पूर्व निर्धारित संकेत मिलने पर गुरुग्राम और बिजनौर की संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारकर महिला दलाल रेनू तथा अल्ट्रासाउंड करने वाले मनोज कुमार को पकड़ लिया।
पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि मनोज कुमार के पास अल्ट्रासाउंड करने की कोई वैधानिक योग्यता नहीं थी। जिस स्थान पर यह गतिविधि संचालित की जा रही थी, वह पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीकृत भी नहीं था। कार्रवाई के दौरान अवैध लिंग जांच के लिए ली गई राशि का एक हिस्सा बरामद किया गया तथा लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी कब्जे में लिए गए।
इसके बाद स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाकर महिला दलाल रेनू, मनोज कुमार तथा मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकवीर सिंह ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि यदि कहीं भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध समय रहते कार्रवाई की जा सके।








