खरीफ बिजाई से पहले अहीरवाल में पर्याप्त डीएपी खाद उपलब्ध करवाए सरकार : वेदप्रकाश विद्रोही

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खाद की कालाबाजारी और वैश्विक संकट के बीच किसानों के सामने फिर मंडराया डीएपी संकट का खतरा

रेवाडी, 31 मई 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से मांग की है कि खरीफ फसल की बिजाई शुरू होने से पहले अहीरवाल क्षेत्र के किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध करवाने की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित की जाए।

विद्रोही ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार आने के बाद पिछले दस वर्षों से चाहे खरीफ सीजन हो या रबी फसल की बिजाई, अहीरवाल सहित पूरे प्रदेश के किसानों को डीएपी खाद के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को कभी भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पाती, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में ब्लैक में महंगे दामों पर खाद खरीदनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी हरियाणा की जमीनी सच्चाई बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि अहीरवाल क्षेत्र में खरीफ और रबी दोनों फसलों की बिजाई प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में पहले शुरू हो जाती है। ऐसे में इस क्षेत्र में खाद की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि किसानों को समय पर खेती के लिए आवश्यक संसाधन मिल सकें।

वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संकट के कारण पूरी दुनिया में तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हो रही है। गैस की कमी के चलते खाद कारखानों में उत्पादन घटने की स्थिति बन रही है, जिसका असर भारत सहित वैश्विक स्तर पर खाद उत्पादन पर पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि भारत में भी मांग के अनुरूप खाद उत्पादन नहीं होने के कारण खरीफ सीजन 2026 में डीएपी खाद की भारी कमी देखने को मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहे कितने भी दावे करे, लेकिन पिछले वर्षों के अनुभव बताते हैं कि खरीफ फसल की बिजाई के दौरान किसानों को खाद के लिए भारी मारामारी का सामना करना पड़ता है। विद्रोही ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए और अहीरवाल क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद नहीं पहुंचाई, तो जून के अंतिम सप्ताह में खरीफ बिजाई के दौरान गंभीर खाद संकट खड़ा हो सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए 10 जून से पहले अहीरवाल क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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Author: Bharat Sarathi

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