सरकार में इच्छाशक्ति की कमी के चलते नहीं हो पा रहा प्रदेश का विकास: कुमारी सैलजा

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कहा- बिना मिशन के सरकार खत्म नहीं कर सकती नशा, जनसहयोग भी जरूरी

चंडीगढ़, 31 मई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश सरकार की इच्छा शक्ति की कमी के चलते ही न तो राज्य में विकास हो रहा है और न ही सरकार अपराध को रोक पाई है, उल्टे दिन-प्रतिदिन नए गैंग पनपते जा रहे हैं। जब तक सरकार किसी भी काम को मिशन मानकर नहीं करेगी उसके हाथ खाली ही रहेंगे। आम अदमी के जीवन और उसके अधिकारों की रक्षा करना सरकारों की ही जिम्मेदारी होती है, सरकार इस जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती और न ही कोई बहाना करके जनता को गुमराह कर सकती है।

सांसद कुमारी सैलजा पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। एक सवाल के जवाब में सांंसद ने कहा कि जब वे पहली बार सांसद बनी थी तो उन्हें बताया गया कि सिरसा के विकास में रेल की छोटी लाइन सबसे बड़ी बाधा है तब तत्कालीन रेल मंत्री जाफर शरीफ से बात की तो सिरसा को बड़ी लाइन मिली, इसके साथ ही सिरसा रेल लाइन के माध्यम से देश के अन्य शहरों से जुडा और विकास को गति मिली, उनके कार्यकाल में ही सिरसा को केंद्रीय विद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र की सौगात मिली। कांग्रेस के राज में सिरसा में कॉटन पर आधारित अनेक उद्योग होते थे पर आज बंद हो चुके है। एक सवाल पर सांसद ने कहा कि उद्योग धंधे स्थापित कराने में राज्य सरकारों की ही अहम भूमिका होती है, वे ही उद्योग को लेकर नीतियां बनाती है पर इस प्रदेश सरकार के पास तो इसके लिए वक्त ही नहीं है।

फतेहाबाद को रेल मार्ग से न जोड़े जाने के सवाल पर सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा-फतेहाबाद,अग्रोहा-हिसार रेल लाइन की मांग वे कई बार संसद में उठा चुकी है पर सरकार कोई ध्यान ही नहीं दे रही, अगर कांग्रेस की सरकार होती तो इस रूट पर ट्रेनें दौड़ रही होती। उनकी इच्छा है कि कालांवाली-डबवाली और सिरसा-ऐलनाबाद, सिरसा-नोहर के बीच भी लाइन बिछे और लोगों को सुविधा मिल सके। रेलवे की भूमि को पट्टे पर दिए जाने के सवाल पर सैलजा ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे करके रेलवे के निजीकरण की ओर बढ़ रही है। रेलवे का अपना लैंड बैंक है आगे चलकर भूमि की जरूरत पडेगी। आगे भूमि अधिग्रहण क रना आसान नहीं होगा, अगर रेलवे के पास अपनी ही भूमि होगी तो उसे अधिग्रहण की जरूरत ही नहीं पडेगी। साथ ही सांसद ने कहा कि अगर रेलवे खाली पड़ी भूमि पर कुछ करना ही चाहती है तो वहां पर सरकारी संस्थान खोले जा सकते है, कौशल केंद्र खोलकर युवाओं को लाभ पहुंचाया जा सकता है। पर सरकार आम आदमी के बारे में जरा भी नहीं सोचती, वह तो केवल बड़े घरानों के बारे में ही सोचती है। आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सरकार की ही होती है। वायुसेना केंद्र की हवाई पट्टी प्राइवेट हाथों में दिए जाने के सवाल पर सांसद ने कहा कि सरकार की ओर से करीब 80 वायुसेना केंद्र से हवाई यात्राएं शुरू की जा चुकी है। वायुसेना केंद्र देश की सुरक्षा से जुड़े हुए केंद्र है और वहां की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला सकता। निजीकरण किसी समस्या का समाधान नहीं है। पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ाने पर सांसद ने कहा कि यह तो पहले ही तय था कि चुनाव के बाद जनता को झटका दिया जाएगा। सांसद ने कहा कि सरकार पूरी तरह से फे लियर साबित हुई है उसके पास पर्याप्त रिर्जव तक नहीं था, सरकार अमेरिकी सरकार के आगे कमजोर दिखाई दे रही है।

एक सवाल के जवाब में सांसद ने कहा कि सरकार जो भी काम शुरू करती है उसके फोटो खिंचवाकर फिर काम करना ही भूल जाती है, सफाई अभियान के समय हाथो में झाडू लेकर खूब रील बनवाई पर सबको पता है कि आज प्रदेश में सफाई के क्या हालात है। जगह जगह कूड़े के ढेर लगे हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनता से की गई अपील को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार की ओर से तेल बचाने की अपील की गई, गुजरात में तेल बचाने के लिए रोड शो किया गया यानि तेल फूंककर तेल बचाने का संदेश दिया वाह क्या बात है। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सांसद ने कहा कि आज अपराधी बेलगाम होकर अपराध क रहे है और सरकार हाथ पर हाथ रखे बैठी है, गैंग बढ़ रहे है, गैंगवार बढ़ रही है, प्रदेश में हत्या, लूट, बलात्कार, रंगदारी की वारदातें चरम पर है। बच्चियों के भविश्य को लेकर माता पिता हर समय चिंतित रहते है जबकि सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं को नारा देकर पल्ला झाड़ रही है। नशा तेजी से बढ़ रहा है, नशे के धंधे में युवा पीढ़ी आगे आ रहे है इसका एक कारण बेरोजगारी है तो दूसरा कारण सरकार में इच्छा शक्ति की कमी है, जब तक वह मिशन के रूप में काम नहीं करेगी प्रदेश को नशा मुक्त नहीं किया जा सकता। वोट काटने के सवाल पर सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग ने सही ढंग से काम नहीं किया, उसमें कुछ खामियां है तभी तो उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बेदाग राजनीतिक सफर को लेकर पूछे गए सवाल पर संासद ने कहा कि राजनीति उन्हें विरासत में मिली और बेदाग राजनीति के बारे में सब कुछ पिता से ही सीखा। जनसेवा ही उनकी परमधर्म है।

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Author: Bharat Sarathi

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