अतिथि अध्यापकों पर आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश की जनता से माफी मांगे बीजेपी सरकार – दीपेन्द्र हुड्डा

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• बीजेपी सरकार अब एक पल की देरी किये बिना 12700 गेस्ट टीचर्स को स्थाई नियुक्ति का पत्र जारी करे – दीपेन्द्र हुड्डा

• केवल शिक्षा जगत ही नहीं, बल्कि हरियाणा का जन-जन कोर्ट के इस फैसले का स्वागत कर रहा है– दीपेन्द्र हुड्डा

• अदालत ने कांग्रेस की नियमितीकरण नीति को न केवल सही बताया, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को भी नियमानुसार कहा – दीपेन्द्र हुड्डा

• चुनाव में 1.25 लाख कच्चे कर्मचारियों के परिवारों से झूठे वादे कर वोट लेने वाली बीजेपी की पोल खुली – दीपेन्द्र हुड्डा

चंडीगढ़, 29 मई। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने 12700 गेस्ट टीचर्स को नियमित करने के पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए उसका स्वागत किया और कहा कि केवल शिक्षा जगत ही नहीं, बल्कि हरियाणा का जन-जन कोर्ट के इस फैसले का स्वागत कर रहा है। ये फैसला कोर्ट द्वारा हरियाणा की बीजेपी सरकार के मुंह पर करारी चपत है, जो पिछले 12 साल से कांग्रेस सरकार द्वारा की गई इस भर्ती की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही थी और इसे नियमानुसार नहीं मान रही थी। इतना ही नहीं, कोर्ट में हरियाणा सरकार ने अतिथि अध्यापकों के विरुद्ध अपना वकील भी खड़ा किया था। अपनी पूरी ताकत लगाने के बावजूद बीजेपी सरकार कोर्ट में कोई अनियमितता साबित नहीं कर पाई। बीजेपी सरकार विगत 12 साल से भर्ती और पर्ची की आड़ में जो दुष्प्रचार कर रही थी, हाईकोर्ट के फैसले ने उसपर से भी पर्दा उठा दिया है। उन्होंने मांग करी कि हरियाणा की बीजेपी सरकार अब एक पल की देरी किये बिना गेस्ट टीचर्स को स्थाई नियुक्ति का पत्र जारी करे। साथ ही अतिथि अध्यापकों पर आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश की जनता से माफी मांगे।

उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि हजारों गेस्ट टीचर्स के संघर्ष और कांग्रेस सरकार की नीति की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी कांग्रेस सरकार की 2014 की नियमितीकरण (Regularization) नीति पर मुहर लगा चुका है। भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 2014 में नियमितीकरण की नीति बनाई थी, भाजपा सालों तक इसमें अड़ंगा लगाकर भर्ती हुए कर्मियों को अस्थायी और ठेका प्रथा के हवाले करने की कोशिश कर उनका शोषण करती रही और नियमितीकरण नीति का क्रियान्वयन रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाती रही। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि 9000 जेबीटी की भर्ती से लेकर हजारों गेस्ट टीचर्स की नियुक्ति और कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण में बार-बार कोर्ट ने कांग्रेस सरकार की नीति, मेरिट, व प्रक्रियाओं को पूरी तरह सही ठहराया है। जबकि बीजेपी सरकार ने इन भर्तियों को रद्द करवाकर, कर्मचारियों की नौकरी छीनने के लिए पूरा जोर लगा रखा था। कोर्ट ने भाजपा सरकार की हर उस दलील को खारिज कर दिया, जिसके जरिए वो लोगों का रोजगार छीन लेना चाहती थी।

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि इस फैसले ने बीजेपी सरकार के उस झूठ का भी पर्दाफाश कर दिया जिसमें वो लगातार नियुक्तियों को नियमविरुद्ध बताकर कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही थी। अदालत ने कांग्रेस की नियमितीकरण नीति को सही बताया और स्पष्ट किया कि सार्वजनिक प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शी ढंग से योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया था। अदालत के फैसले से ये भी स्पष्ट हो गया कि भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में मेरिट के आधार पर भर्तियाँ बिना पर्ची खर्ची के हुई। इसके उलट, बीजेपी सरकार की कोई भी नीति कोर्ट में नहीं टिकती। बीजेपी सरकार न तो पक्की नौकरियां दे पा रही है और न ही कौशल निगम के तहत रखे गए कर्मचारियों को पक्का कर पा रही है। चुनाव में 1.25 लाख कच्चे कर्मचारियों के परिवारों से झूठे वादे करके वोट लेने वाली बीजेपी की पोल खुल चुकी है।

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Author: Bharat Sarathi

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