एमसीजी ने जारी किए मानक एवं स्वीकृत वाटर मीटर लगाने के आदेश

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जल संरक्षण, सही बिलिंग और अवैध जल उपयोग रोकने के लिए नगर निगम गुरुग्राम की पहल

गुरुग्राम, 28 मई। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने शहर में जल उपभोग की सटीक माप, गैर-राजस्व जल हानि में कमी, पानी की बर्बादी रोकने तथा बिलिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार अब नगर निगम क्षेत्र में सभी घरेलू एवं व्यावसायिक जल कनेक्शनों पर केवल मानक एवं स्वीकृत वाटर मीटर ही लगाए जाएंगे।

नगर निगम द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी वाटर मीटर आईएसआई मार्क युक्त होंगे तथा भारतीय मानक ब्यूरो के आईएस:779:1994 और आईएसओ 4064 क्लास-बी मानकों के अनुरूप होने चाहिए। इसके साथ ही मीटर मल्टी जेट, मैग्नेटिक ड्रिवन या इंफेरेंशियल टाइप के होंगे तथा उनकी रीडिंग क्षमता कम से कम 5 डिजिट इनलाइन रीडिंग की होगी।

आदेशों में यह भी कहा गया है कि वाटर मीटर पीतल/ब्रॉन्ज इंजीनियरिंग ग्रेड मटेरियल से निर्मित होंगे और उनमें टैंपर-प्रूफ एवं लीकेज-प्रूफ सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होगी। मीटरों पर आईएसआई मार्क, निर्माता का सीरियल नंबर, फ्लो की दिशा, निर्माण वर्ष तथा क्लास-बी मार्किंग अंकित होना आवश्यक होगा।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि केवल वही मीटर लगाए जा सकेंगे जिन्हें भारत सरकार के अधीन फ्लूड कंट्रोल रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रमाणित किया गया हो। साथ ही मीटर की स्थापना ऐसी जगह पर की जाएगी जहां आसानी से पहुंचा जा सके और रखरखाव में कोई बाधा न आए।

आदेशों में सब-स्टैंडर्ड, बिना आईएसआई मार्क वाले अथवा सिंगल जेट मीटरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नए जल कनेक्शन, पुराने मीटर बदलने और नियमित निरीक्षण के दौरान इन मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

नगर निगम गुरुग्राम ने यह भी चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम नियमों एवं जल आपूर्ति विनियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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