कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और कम्युनिटी डेवलपमेंट के दम पर झज्जर बना नया विकास केंद्र
झज्जर, सौरभ धनखड़। गुरुग्राम का विकास हमेशा बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आगे बढ़ता रहा है। एनएच-8 से शुरू हुआ यह विकास क्रम गोल्फ कोर्स रोड द्वारका एक्सप्रेसवे और एसपीआर तक पहुंचा और अब वजीरपुर, फर्रुखनगर तथा झज्जर से होकर गुजरने वाला नया विकास कॉरिडोर तेजी से आकार ले रहा है। इस उभरते कॉरिडोर के केंद्र में स्थित रिलायंस एमईटी सिटी क्षेत्र को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Reliance Industries की मॉडल आर्थिक टाउनशिप (एमईटी सिटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक श्रीवल्लभ गोयल के अनुसार, यहां पहले से विकसित सुविधाएं और तेजी से बढ़ रहा इंफ्रास्ट्रक्चर इसे सामान्य टाउनशिप परियोजनाओं से अलग बनाता है। टाउनशिप के आसपास पांच प्रमुख कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर काम जारी है, जबकि अस्पताल, स्कूल और आवश्यक नागरिक सेवाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।
एमईटी सिटी को भविष्य के औद्योगिक और आवासीय केंद्र के रूप में विकसित करने में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना क्षेत्र को एनसीआर के बड़े कार्गो और यात्री नेटवर्क से जोड़ेगी। साथ ही बनने वाला गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल इस इलाके को मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगा।
सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी कई बड़ी परियोजनाएं प्रगति पर हैं। पटौदी रोड से झज्जर तक बनने वाला छह लेन हाईवे यात्रा समय को कम करेगा और व्यापारिक गतिविधियों को गति देगा। गुरुग्राम-फर्रुखनगर रोड चौड़ीकरण परियोजना से यातायात सुविधा बेहतर होगी, जबकि गढ़ी हरसरू-फर्रुखनगर रेल लाइन के दोहरीकरण और झज्जर तक विस्तार से माल एवं यात्री परिवहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
एमईटी सिटी की विशेषता केवल भविष्य की योजनाएं नहीं, बल्कि वर्तमान में उपलब्ध सुविधाएं भी हैं। यहां मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और हाई स्कूल निर्माणाधीन हैं। बैंकिंग, डाक सेवा, कैंटीन जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं और नए पुलिस स्टेशन के लिए भूमि भी आवंटित की जा चुकी है। कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ईएसआईसी और आरोग्य साझेदारियों पर भी कार्य चल रहा है।
भविष्य में यहां होटल, क्लब, लाइफस्टाइल सुविधाएं और मंदिर विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र “वर्क-लिव-ग्रौ” मॉडल की आधुनिक टाउनशिप के रूप में उभरेगा।
कम्युनिटी डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी रिलायंस एमईटी सिटी और Reliance Foundation पिछले लगभग दो दशकों से लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्ष 2008 से झज्जर जिले के एमईटी गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण विकास से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक पांच लाख से अधिक लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा चुकी हैं। दादरी तोए स्थित आरोग्य क्लिनिक से 8,187 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। आंख, दांत और महिला स्वास्थ्य शिविरों के जरिए 27 हजार से अधिक लोगों को सेवाएं दी गईं, जिनमें एक हजार से ज्यादा मोतियाबिंद ऑपरेशन शामिल हैं।
शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय पहल हुई हैं। जवाहर नवोदय तैयारी कार्यक्रम के अंतर्गत 2019 से अब तक 164 बच्चों ने प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है। कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से 480 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। महिला सशक्तिकरण केंद्रों के जरिए 1,500 से अधिक महिलाओं को सिलाई और ब्यूटी कल्चर का प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से कई महिलाएं आज स्वरोजगार से जुड़ चुकी हैं।
इसके अलावा मिशन सहयोग कार्यक्रम के तहत पांच हजार से अधिक ग्रामीणों को राशन कार्ड, पेंशन और आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता प्रदान की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम के विकास का हर बड़ा चरण बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय समुदायों के विश्वास के साथ आगे बढ़ा है। एमईटी सिटी भी वर्तमान में उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। यही कारण है कि झज्जर अब केवल भविष्य की संभावना नहीं, बल्कि एनसीआर का तेजी से उभरता हुआ विकास केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।









