*24×7 लैब, रात्रिकालीन निरीक्षण और अस्पतालों में औचक छापों के दिए निर्देश*
*डायलिसिस सेवाएं, महिलाओं की सुरक्षा, सुचारु एमआरआई-एक्स-रे सेवाएं और जवाबदेही राज्यव्यापी स्वास्थ्य सुधार के केंद्र में*
*सीएमओ, एसएमओ और पीएमओ को अस्पतालों की व्यवस्थाएं सुधारने, मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने के लिए व्यापक निर्देश जारी*

चंडीगढ़, 20 मई — हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बुधवार को राज्य के सरकारी अस्पतालों में अनुशासन, जवाबदेही और चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक निर्देश जारी किए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO), प्रधान चिकित्सा अधिकारियों (PMO), वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों (SMO) तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय राज्य टास्क फोर्स समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि लापरवाही, खराब आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव और अस्पताल प्रबंधन में ढिलाई अब किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जहां भी जमीनी स्तर पर मानकों में कमी पाई जाएगी, वहां औचक निरीक्षण, छापेमारी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अस्पताल संचालन को मजबूत करने, मरीज सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया । उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही या उपकरणों की खराबी के कारण किसी भी मरीज को परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मुख्यालय द्वारा दिए गए सभी आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा सोमवार तक अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए।
अस्पतालों में निगरानी और मरीज देखभाल को मजबूत करने के लिए डॉ. मिश्रा ने सभी पीएमओ, एसएमओ और सीएमओ को अपने-अपने अस्पतालों में प्रतिदिन कम से कम दो अनिवार्य निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित कार्यावधि के बाद भी मरीजों की देखभाल और अस्पताल व्यवस्था की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सायंकालीन निरीक्षण अब अनिवार्य करने का कहा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इन-हाउस प्रयोगशाला सेवाएं 24 घंटे संचालित रहें ताकि मरीजों को सामान्य जांचों के लिए निजी लैब्स का सहारा न लेना पड़े।
इसके अलावा, एक्स-रे और एमआरआई सहित रेडियोलॉजी सेवाओं को भी चौबीसों घंटे बिना किसी बाधा के संचालित रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी अस्पतालों को कार्यशील और गैर-कार्यशील चिकित्सा उपकरणों की विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट आगामी सोमवार तक मुख्यालय को भेजने, खराब मशीनरी की तुरंत सूचना देकर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए ।
डॉ. मिश्रा ने डॉक्टरों को निर्देशित किया कि डायलिसिस मशीनें हर समय पूरी तरह कार्यशील रहें। उन्होंने कहा कि डायलिसिस पर निर्भर किसी भी मरीज को मशीन खराब होने, स्टाफ की कमी या संचालन में देरी के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा, “डायलिसिस मरीजों को सर्वोच्च प्राथमिकता और विशेष देखभाल दी जानी चाहिए।”
अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और स्वच्छता पर भी विशेष जोर देते हुए उन्होंने महिला मरीजों के उपचार और भर्ती के दौरान अतिरिक्त संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला वार्डों के शौचालयों और संबंधित सुविधाओं की प्रति घंटे सफाई सुनिश्चित करने तथा अस्पताल परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के आदेश दिए।
उन्होंने सभी अस्पतालों में स्वच्छ पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह भी कहा कि सरकारी चिकित्सा संस्थानों में बुजुर्ग और गंभीर मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्टें हर समय सुचारु रूप से कार्यरत रहें।
उन्होंने अधिक स्वच्छ, हरित और मरीज-अनुकूल वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से आगामी मानसून सत्र में सरकारी अस्पतालों में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने, अस्पताल परिसरों में फलदार और फूलदार पौधे लगाने को भी कहा।
सख्त रवैया की नीति अपनाते हुए एसीएस ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें हरियाणा के अस्पतालों में औचक निरीक्षण और छापेमारी करेंगी ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। सेवाओं, स्वच्छता, मरीज देखभाल या आधारभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मिश्रा ने सरकारी अस्पताल परिसरों में अवैध रूप से संचालित निजी एंबुलेंस या परिवहन वाहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में अनधिकृत निजी हस्तक्षेप के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत छापेमारी तेज करने के निर्देश भी दिए, ताकि अवैध लिंग जांच और भ्रूण लिंग चयन जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
डॉ. मिश्रा ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को स्थानीय अस्पतालों से संबंधित मीडिया में उठाए गए मामलों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से सामने आई हर शिकायत या कमी पर बिना देरी के कार्रवाई रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए।
अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने या जमीनी स्तर पर सुधार लागू न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।








