*“स्टेडियम का नाम चाहे प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के नाम पर रख दो, हमें नाम से फर्क नहीं पड़ता, लेकिन खिलाड़ियों को पीने का पानी, साफ वॉशरूम और अच्छी सुविधाएं मिलनी चाहिए।” — नवीन जयहिंद*
*“जो बच्चे मैदान में पसीना बहाकर देश के लिए खिलाड़ी, फौजी और पुलिस अधिकारी बनना चाहते हैं, अगर सरकार उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दे सकती तो ये युवाओं के साथ अन्याय है।” — नवीन जयहिंद*
*राजीव गांधी स्टेडियम, रोहतक की बदहाल स्थिति पर खिलाड़ियों के साथ पहुंचे नवीन जयहिंद, सरकार से उठाए सवाल*
रोहतक, 20 मई 2026 – *खिलाड़ियों ने बताई स्टेडियम की समस्याएं*

आज नवीन जयहिंद राजीव गांधी स्टेडियम सेक्टर-6 रोहतक पहुंचे, जहां रोजाना अभ्यास करने आने वाले लड़के और लड़कियां अपनी समस्याएं बताने के लिए एकत्र हुए। खिलाड़ियों ने बताया कि स्टेडियम में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है और लंबे समय से उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
*स्टेडियम में पीने के पानी और वॉशरूम की बदहाल स्थिति*

नवीन जयहिंद ने खिलाड़ियों से पूछा कि क्या स्टेडियम में पीने के पानी की सुविधा है, जिस पर खिलाड़ियों ने बताया कि सभी वाटर कूलर खराब या टूटे हुए हैं। खिलाड़ियों ने यह भी कहा कि स्टेडियम में शौचालयों की हालत बेहद खराब है, कई टॉयलेट टूटे हुए हैं और साफ-सफाई का अभाव है।
*सरकार युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करती है, सुविधाएं क्यों नहीं देती?*
नवीन जयहिंद ने कहा कि सरकार एक तरफ युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह देती है, जबकि दूसरी तरफ जो बच्चे खेल के मैदान में मेहनत करने आते हैं, उनके लिए बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री कई बार यहां आते होंगे, लेकिन क्या कोई इस स्टेडियम का पानी पीकर या यहां के शौचालय का उपयोग करके दिखा सकता है?
*महिला खिलाड़ियों ने उठाए सुरक्षा और सैनिटेशन के मुद्दे*
महिला खिलाड़ियों ने बताया कि स्टेडियम में उचित वॉशरूम सुविधा नहीं है, सफाई की कमी है और सैनिटेशन की समस्या के कारण संक्रमण का खतरा बना रहता है। एक खिलाड़ी ने बताया कि वॉशरूम तक जाने वाले रास्ते में घास उगी हुई है और वहां सांप तक देखे गए हैं।
*फटा ट्रैक, बिजली की समस्या और वर्षों से लंबित सुविधाएं*

खिलाड़ियों ने कहा कि सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है। ट्रैक फटा हुआ है, बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है, रात में बिजली नहीं रहती और वर्षों से समस्याएं बनी हुई हैं। जानकारी के अनुसार करीब 25 करोड़ रुपये के ट्रैक के टेंडर की प्रक्रिया भी अभी तक पूरी नहीं हुई है।
*युवाओं के भविष्य के साथ हो रही है अनदेखी*
नवीन जयहिंद ने कहा कि यहां अभ्यास करने वाले बच्चे भविष्य में सेना, पुलिस या राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बन सकते हैं, लेकिन लगातार समस्याएं बताने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
*महिला मंत्रियों से अपील — पहले खुद इस्तेमाल करके देखें वॉशरूम*
उन्होंने हरियाणा सरकार की महिला मंत्रियों से अपील करते हुए कहा कि यदि इन वॉशरूम की स्थिति उपयोग योग्य लगती है तो स्वयं आकर इस्तेमाल करें। सरकार से मांग की कि खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को देखते हुए जल्द से जल्द स्टेडियम की स्थिति सुधारी जाए।
*मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग*
नवीन जयहिंद ने मुख्यमंत्री, खेल मंत्री, जिला प्रशासन, विपक्ष के नेताओं और संबंधित अधिकारियों से अपील की कि खिलाड़ियों की आवाज सुनी जाए और राजीव गांधी स्टेडियम की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।
*“अगर सरकार में शर्म बची है तो खिलाड़ियों और बेटियों के लिए इस स्टेडियम की हालत तुरंत सुधारी जाए।” — नवीन जयहिंद*








