जनगणना 2027 को सफल बनाने में आरडब्ल्यूए निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका

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नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय में आयोजित समन्वय बैठक में जनगणना प्रक्रिया, कानूनी प्रावधानों एवं नागरिक सहयोग पर हुआ विस्तृत मंथन

गुरुग्राम, 20 मई। जनगणना 2027 को सफल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम गुरुग्राम कार्यालय में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, नागरिक संगठनों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना की प्रक्रिया, आरडब्ल्यूए की भूमिका, सुरक्षा प्रबंधन, नागरिक सहयोग एवं कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी ने की।

बैठक में बताया गया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्रीय योजना निर्माण एवं नीतिगत निर्णयों की आधारशिला है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, परिवहन, आवास, रोजगार एवं अन्य विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं।

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण के अंतर्गत “हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना” का कार्य 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक किया जा रहा है, जिसमें भवनों, मकानों एवं परिवारों का विवरण एकत्रित किया जा रहा है। साथ ही आवासीय सुविधाओं, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जा रही है।

दूसरे चरण में फरवरी 2027 के दौरान “पॉपुलेशन एन्यूमरेशन” की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी जैसे आयु, लिंग, शिक्षा एवं आर्थिक गतिविधियों का विवरण संकलित किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि को संदर्भ समय मानते हुए देश की जनसंख्या का सटीक आंकलन किया जाएगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि जनगणना कर्मियों को अक्सर गेटेड सोसायटियों में प्रवेश संबंधी समस्याएं, निवासियों की अनुपलब्धता, पहचान को लेकर संदेह एवं अधूरी जानकारी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के समाधान में आरडब्ल्यूए एवं सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।

आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाएं, व्हाट्सएप ग्रुप एवं नोटिस बोर्ड के माध्यम से सूचना साझा करें तथा निवासियों को जनगणना कार्य में सहयोग के लिए प्रेरित करें। इसके अलावा सुरक्षा कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जनगणना कर्मियों को सुगम प्रवेश सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियम 1990 के कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करना, गलत जानकारी देना अथवा अधिकृत कर्मचारियों को प्रवेश से रोकना कानूनन दंडनीय है। साथ ही नागरिकों का यह दायित्व है कि वे जनगणना कर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं।

अधिकारियों ने कहा कि जनगणना अभियान की सफलता नागरिकों, आरडब्ल्यूए, सुरक्षा एजेंसियों एवं प्रशासन के बेहतर समन्वय और सहयोग पर निर्भर करती है। बैठक के अंत में सभी उपस्थित प्रतिनिधियों से जनगणना 2027 को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

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Author: Bharat Sarathi

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