सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
मजदूर दिवस पर भाजपा सरकार ने श्रमिकों और गरीब वर्ग को दिया एक और महंगाई का तोहफा
चंडीगढ़, 1 मई। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने देश में लगातार बढ़ती महंगाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों के कारण आम जनता की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि बढ़ती महंगाई पर तुरंत नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और आम जनता, विशेषकर गरीब एवं मजदूर वर्ग को राहत प्रदान की जाए।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर पर 993 रुपये और 05 किलो वाले छोटे सिलेंडर की कीमतों में 261 रुपये की हालिया वृद्धि सीधे तौर पर आम आदमी, छोटे व्यवसायियों और मजदूर वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाली है। गैस के दाम बढ़ने का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे हर वस्तु और सेवा की कीमतों में वृद्धि होती है, जिससे महंगाई का दायरा और व्यापक हो जाता है। सांसद कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार धीरे-धीरे ऐसी नीतियां लागू कर रही है जिनसे आम लोगों की जिंदगी और कठिन होती जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनावों के बाद लगातार महंगाई बढ़ना इस बात का संकेत है कि सरकार आम जनता की बजाय केवल अपने राजनीतिक हितों पर ध्यान दे रही है। सांसद ने विशेष रूप से कहा कि 05 किलो के छोटे सिलेंडर की कीमत में वृद्धि उन मजदूरों और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए बड़ा झटका है, जो पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं।
कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि बढ़ती महंगाई पर तुरंत नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और आम जनता, विशेषकर गरीब एवं मजदूर वर्ग को राहत प्रदान की जाए। सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने पहले ही चेताया था कि चुनाव समाप्त होते ही भाजपा सरकार मंहगाई की मार और तेज करेगी आज वहीं स्थिति देश के सामने है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में वृद्धि से हर वस्तुपर इसका प्रभाव पडेगा।
मजदूर दिवस पर भाजपा सरकार की ओर से दिया गया तोहफा वास्तव मेेंं श्रमिकों और गरीब वर्ग के साथ अन्याय का प्रतीक है। मजदूर दिवस पर विशेष संदेश मजदूर दिवस के अवसर पर कुमारी सैलजा ने कहा कि देश के श्रमिक वर्ग की कठिनाइयां लगातार बढ़ रही हैं। महंगाई, रोजगार की अनिश्चितता और जीवन यापन की बढ़ती लागत ने मजदूरों की स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। सांसद ने कहा कि सरकार को श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए, न कि उनकी परेशानियों को और बढ़ाने वाले निर्णय लेने चाहिए।








