आप के 7 राज्यसभा सांसदों के दलबदल से भाजपा-आप का ‘भ्रष्ट चेहरा’ बेनकाब: विद्रोही

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ईडी पर लगाया दुरुपयोग का आरोप, सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग

रेवाडी/25 अप्रैल 2026 : स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के दलबदल कर भाजपा में शामिल होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटनाक्रम ने आप और भाजपा दोनों दलों के “भ्रष्ट, लुटेरे और अवसरवादी” चेहरे को उजागर कर दिया है।

विद्रोही ने कहा कि इस पूरे दलबदल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अहम भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दस दिन पहले जिस राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर ईडी ने छापेमारी की थी, उसी को बाद में “मोदी-भाजपा की वॉशिंग मशीन” के जरिए साफ-सुथरा बनाकर अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल करवा दिया गया।

उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि ईडी एक स्वतंत्र जांच एजेंसी न होकर सत्तारूढ़ दल का सहयोगी बन चुकी है। विद्रोही के अनुसार, ईडी का “नग्न दुरुपयोग” अवैध हफ्तावसूली और राजनीतिक दलबदल कराने के लिए किया जा रहा है।

विद्रोही ने आगे कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट इस प्रकार के दुरुपयोग पर रोक नहीं लगाता, तो यह संविधान की रक्षा की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में विफल माना जाएगा।

आप पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा में समर्पित कार्यकर्ताओं के बजाय ऐसे लोगों को सांसद बनाया, जिनका राजनीति से कोई विशेष संबंध नहीं था, बल्कि उनका जुड़ाव केवल धनबल से था। उन्होंने दावा किया कि भारी रकम लेकर राज्यसभा की सदस्यता दी गई और अब वही लोग भाजपा में शामिल होकर अपनी “निवेश की वसूली” कर रहे हैं।

विद्रोही ने कहा कि यह पूरा मामला भ्रष्टाचार और राजनीतिक सौदेबाजी का उदाहरण है, जिसने आप और भाजपा दोनों दलों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके अनुसार, “चाहे मोदी-भाजपा हो या केजरीवाल की आप पार्टी, दोनों के लिए राजनीति अब जनसेवा नहीं, बल्कि पैसा कमाने का माध्यम बन गई है।”

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Author: Bharat Sarathi

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