कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला; 33% आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग, परिसीमन को बताया हिस्सेदारी पर चोट

गुरुग्राम, 25 अप्रैल। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि देश की आधी आबादी अपना संवैधानिक अधिकार लेकर रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे को टालने के लिए तकनीकी बहाने और राजनीतिक रणनीति का सहारा ले रही है। प्रेस वार्ता में डॉ. नायक ने कहा कि नारी शक्ति केवल कोमल नहीं, बल्कि सशक्त है और समाज को जीवन देने वाली शक्ति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार यदि महिलाओं के प्रति गंभीर होती तो 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को अब तक लागू कर चुकी होती। उनका आरोप था कि सरकार ने तीन साल तक इस कानून को ठंडे बस्ते में रखा और अब चुनावी समय में इसे मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल 2026 को विपक्ष की एकजुटता ने विभाजनकारी एजेंडे को रोक दिया, जो संविधान और लोकतंत्र की जीत है। डॉ. नायक ने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण बिल गिरा नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा लाया गया विवादित संशोधन प्रस्ताव असफल हुआ है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग रखी कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर तुरंत 33% महिला आरक्षण लागू किया जाए और इसमें दलित, आदिवासी तथा पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी उचित हिस्सेदारी मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा कोई परिसीमन स्वीकार नहीं होगा, जिससे दक्षिण, पूर्वोत्तर या छोटे राज्यों की राजनीतिक हिस्सेदारी कम हो। डॉ. नायक ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व—मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा महिला आरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि पंचायत और स्थानीय निकायों में 33% आरक्षण का रास्ता कांग्रेस ने ही खोला था, जिससे आज लाखों महिलाएं नेतृत्व में हैं। सरकार पर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कई घटनाओं में पीड़ितों को न्याय नहीं मिला और केंद्र की चुप्पी चिंता का विषय रही। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपमान नहीं भूलतीं और समय आने पर जवाब देती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि मानसून सत्र में महिला आरक्षण को बिना शर्त लागू किया जाए और सभी वर्गों की महिलाओं को इसमें समान अवसर मिले।
सामाजिक न्याय और समानता से जुड़ा मुद्दा : वर्धन यादव
गुरुग्राम से कांग्रेस जिला अध्यक्ष वर्धन यादव ने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण विषय को लागू करने के बजाय चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। यादव ने कहा कि गुरुग्राम सहित पूरे हरियाणा में महिलाएं शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन उन्हें नीति स्तर पर समान अवसर नहीं मिल रहे। उन्होंने मांग की कि बिना किसी देरी के लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण लागू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण के साथ-साथ पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासी महिलाओं के लिए अलग से स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए, ताकि वास्तविक सामाजिक संतुलन सुनिश्चित हो सके। वर्धन यादव ने केंद्र सरकार से संवाद और सर्वदलीय सहमति के आधार पर निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत फैसलों से संभव है।
प्रेसवार्ता में महिला कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष सेलजा भाटिया, शहरी अध्यक्ष पूजा शर्मा, अनुसूचित विभाग प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता वर्मा, जिला उपाध्यक्ष मुकेश पवन चौधरी, जिला महासचिव निर्मल यादव, प्रदेश प्रवक्ता मनीष खटाना, ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष सनी यादव, जिला उपाध्यक्ष सतबीर पहलवान, सतपाल भारद्वाज, जिला महासचिव राकेश यादव, संजय भारद्वाज, जिला सचिव दीपेश कौशिक, भीम सोनी, संदीप यादव, रविन्द्र बघेल समेत अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







