भारी जुर्माना व कनेक्शन काटने तक की कार्रवाई, नागरिकों व आरडब्ल्यूए से सहयोग की अपील
गुरुग्राम, 25 अप्रैल। गर्मी के बढ़ते मौसम के बीच शहर में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने पेयजल के दुरुपयोग पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने रविवार से बड़े स्तर पर विशेष जांच अभियान चलाने की तैयारी कर ली है, जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान यदि कोई व्यक्ति पेयजल का दुरुपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उसका पेयजल कनेक्शन काटने जैसी सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर ऐसे मामलों पर कार्रवाई करेंगी।
गर्मी में जलापूर्ति बनाए रखना प्राथमिकता
नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान शहर के सभी निवासियों तक पर्याप्त और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पेयजल का उपयोग गाड़ियों को धोने, फर्श साफ करने या बागवानी जैसे कार्यों में करते हैं, जिससे पानी की अनावश्यक खपत होती है और अन्य नागरिकों को जल संकट का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के दुरुपयोग पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि जल संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
नागरिकों और आरडब्ल्यूए से सहयोग की अपील
निगमायुक्त ने शहर के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पेयजल का दुरुपयोग करता दिखाई दे, तो उसे तुरंत रोकने का प्रयास करें और इसकी सूचना नगर निगम को दें, ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों की लापरवाही और स्वार्थ के कारण पूरे क्षेत्र के निवासियों को परेशानी उठानी पड़ती है, जिसे रोकना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
“पेयजल का करें जिम्मेदारी से उपयोग”
नगर निगम गुरुग्राम ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे पेयजल का उपयोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही करें और जल संरक्षण को अपनी आदत बनाएं। निगम का यह अभियान न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि शहर में जल संकट को रोकने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।







