चंडीगढ़, 21 अप्रैल 2026। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सोशल मीडिया पोस्ट में संसद में विपक्ष के व्यवहार की तुलना “चीरहरण” से किए जाने पर सियासी विवाद गहरा गया है। इस बयान को लेकर महिला संगठनों और कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया है।

हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती पर्ल चौधरी की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया है कि “चीरहरण” शब्द महज एक उपमा नहीं, बल्कि नारी अस्मिता से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। संगठन ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, ऐसे में इस तरह की भाषा असंवेदनशीलता को दर्शाती है।
बयान में वर्ष 2023 के मणिपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा गया कि उस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और अब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल सका है। महिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से बिना शर्त माफी मांगने और संबंधित ट्वीट को तुरंत हटाने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार जनता को गुमराह कर रही है और “डिलिमिटेशन” जैसे प्रावधानों के पीछे वास्तविक मंशा छुपाई जा रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के शब्दों का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए इस तरह की टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं।
विवाद के बीच भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला सम्मान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बयानबाजी आने वाले समय में राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बन सकती है।








