मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनवाड़ी कर्मी, सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
गुरुग्राम, 21 अप्रैल 2026। आंगनवाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन (सीटू से संबंधित) तथा सर्व कर्मचारी संघ राज्य कमेटी के आह्वान पर मंगलवार को गुरुग्राम में सैकड़ों आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर डीसी कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार के माध्यम से पंचकूला स्थित निदेशक को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान सरस्वती ने की, जबकि मंच संचालन जिला सचिव रानी लांबा ने किया। इस दौरान सोहना ब्लॉक से सुशीला, अर्बन-2 से सरोज, ग्रामीण ब्लॉक से पवित्रा, अर्बन-1 से निर्मल, पूनम, कमलेश सहित बड़ी संख्या में कर्मी व हेल्पर मौजूद रहीं।
प्रदर्शन में सीटू यूनियन के जिला प्रधान सुरेश नोहरा, रिटायर्ड कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान कंवर लाल यादव तथा जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष उषा सिरोही भी शामिल हुईं। सभी वक्ताओं ने आंगनवाड़ी कर्मियों की समस्याओं को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और जल्द समाधान की मांग की।
प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष कई अहम मांगें रखीं, जिनमें मुख्य रूप से—
- आंगनवाड़ी वर्कर-हेल्पर को ₹26,000 न्यूनतम वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
- सेवानिवृत्ति पर पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ मिले।
- जनगणना व अन्य अतिरिक्त ड्यूटी में आंगनवाड़ी कर्मियों को न लगाया जाए।
- हेल्पर के प्रमोशन में टर्मिनेशन पीरियड जोड़ा जाए और आयु सीमा खत्म की जाए।
- वर्कर से सुपरवाइजर तक प्रमोशन बिना टेस्ट के किया जाए।
- अप्रैल 2025 से लंबित मानदेय व अन्य बकाया तुरंत खातों में डाला जाए।
- बीपीएल व अन्य ऑनलाइन कार्य का बोझ कम किया जाए तथा सेनेटरी नैपकिन वितरण का कार्य डिपो धारकों को दिया जाए।
- आंगनवाड़ी केंद्रों पर मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण राशन डोर-टू-डोर उपलब्ध कराया जाए।
- गुरुग्राम जिले में दर्ज पुलिस केस वापस लिए जाएं।
- केंद्र सरकार का 10 महीने का बकाया मानदेय तुरंत जारी किया जाए।
- केंद्रों पर गैस सिलेंडर, पंखे, पानी के कैंपर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- ईएसआई सुविधा और पोषण ट्रैकर के लिए इंटरनेट खर्च बढ़ाया जाए।
- वर्दी का तीन साल (2024-26) का बकाया भुगतान किया जाए।
- अतिरिक्त चार्ज का मानदेय ₹250 से बढ़ाकर ₹6000 किया जाए।
- वेतन हर महीने की 7 तारीख से पहले और केंद्रों का किराया समय पर दिया जाए।
प्रदर्शन के अंत में चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान पूनम, निर्मल, सरोज, निशा, सुशीला, योगिता, ज्योति, सुदेश, कमलेश, कविता, कृष्णा, लाजवंती, बबीता समेत अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।








