हुड्डा बोले – किसान बना दिया अपराधी, खरीद सिस्टम पर तीखा वार
गुरुग्राम, 13 अप्रैल। रबी सीजन के बीच हरियाणा की अनाज मंडियां अब सियासी टकराव का केंद्र बनती नजर आ रही हैं। इसी कड़ी में भूपेंद्र सिंह हुड्डा (पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष) ने सोहना अनाज मंडी का दौरा कर राज्य सरकार की खरीद व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा नीतियों ने किसानों को “अपराधी जैसा महसूस” करने पर मजबूर कर दिया है।
मंडी में पहुंचकर हुड्डा ने किसानों और आढ़तियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को करीब से समझा। बातचीत के आधार पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां राहत देने के बजाय किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
खरीद प्रक्रिया पर उठाए सवाल
हुड्डा ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’, गेट पास और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि पारदर्शिता के नाम पर लागू ये सिस्टम जमीनी स्तर पर किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसान को अपनी फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन, गारंटर, गेट पास और बायोमेट्रिक जैसी कई औपचारिकताओं से गुजरना पड़ रहा है, जिससे मंडियों में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
‘एमएसपी से नीचे बेचने को मजबूर’
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि इन जटिल प्रक्रियाओं का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ रहा है। देरी और अव्यवस्था के कारण किसान मजबूरी में अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे बेचने को विवश हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि एमएसपी पर सुचारू और समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करे, लेकिन मौजूदा हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
बेमौसम बारिश से बढ़ी चिंता
दौरे के दौरान बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। हुड्डा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा और जटिल सरकारी प्रक्रियाओं के कारण किसान दोहरी मार झेल रहा है।
विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग
हुड्डा ने सरकार से तुरंत विशेष गिरदावरी कराने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने एमएसपी के अलावा किसानों को अतिरिक्त बोनस देने की भी बात कही।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किए बिना विकास संभव नहीं है।
कांग्रेस का हमला तेज, वर्धन यादव भी हुए मुखर
मंडी दौरे के दौरान कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष वर्धन यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की मंडियों में सरकारी खरीद “नाममात्र” रह गई है और किसानों को नई-नई शर्तों के जरिए परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘डबल इंजन सरकार’ अब किसानों के लिए ‘डबल मार’ साबित हो रही है। नमी के नाम पर कटौती और खरीद में देरी ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।
कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान चौ.आफ़ताब अहमद (नूंह से विधायक), जितेंद्र भारद्वाज, पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, जिला अध्यक्ष वर्धन यादव, पंकज डावर, महेश घोड़ारोप, कुलराज कटारिया, कुलदीप गुर्जर, मनीष खटाना, मोहनलाल सैनी, रज्जू चेयरमैन, बीर सिंह खटाना, सूबे सिंह यादव, तिलक राज खुराना, अशोक उल्लावास, राजेश यादव, हरेंद्र सहरावत सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
निष्कर्ष:
सोहना अनाज मंडी का यह दौरा न केवल किसानों की समस्याओं को उजागर करता है, बल्कि रबी सीजन के बीच हरियाणा की सियासत को भी गरमा गया है। आने वाले समय में मंडियों की व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहने की संभावना है।








