सरकार की धीमी मुआवजा प्रक्रिया ने बढ़ाई किसानों की पीड़ा: सैलजा

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-किसानों पर दोहरी मार: प्राकृतिक आपदा और सरकारी अव्यवस्था

-मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव है

चंडीगढ़, 13 अप्रैल। सिरसा से सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा में किसानों की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश का किसान इस समय अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है। हाल के दिनों में कैथल, सिरसा, जींद, झज्जर और रोहतक सहित कई जिलों में प्राकृतिक आपदाओं (ओलावृष्टि, आगजनी व बारिश) ने सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया है। यह केवल फसल का नुकसान नहीं, बल्कि किसानों की महीनों की मेहनत और उम्मीदों का टूटना है।

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बाद भी सरकार की ओर से राहत और मुआवजे की प्रक्रिया बेहद धीमी और निराशाजनक है, जिससे प्रभावित किसानों की पीड़ा और बढ़ गई है। इसके साथ ही सरकारी खरीद व्यवस्था की खामियों ने किसानों को और अधिक संकट में डाल दिया है। 1 अप्रैल से खरीद शुरू होने के दावों के बावजूद मंडियों में अव्यवस्था का आलम है। किसान अपनी उपज खुले में रखने को मजबूर हैं, जहां नमी और मौसम की मार से फसल खराब हो रही है। कुमारी सैलजा ने कहा कि मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव, उठान में देरी, जूट बैग की कमी और प्लास्टिक बैग का बढ़ता उपयोग, साथ ही नमी और डिजिटल प्रक्रियाओं के नाम पर बार-बार बाधाएं खड़ी करना, यह सब किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह लापरवाही और संवेदनहीनता किसानों को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ रही है और उन्हें औने-पौने दामों पर फसल बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाती रहेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को शीघ्र और पर्याप्त मुआवजा दिया जाए तथा मंडियों में खरीद, भंडारण और उठान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को और नुकसान न उठाना पड़े।

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Author: Bharat Sarathi

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