एमसीजी भागीदारी से अबांते द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव में सामुदायिक भागीदारी, हरित जीवनशैली और स्थायी विकास मॉडल पर हुई विस्तृत चर्चा

गुरुग्राम, 12 अप्रैल। गुरुग्राम में सतत विकास और जिम्मेदार शहरी जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अबांते इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा “एवरीडे नेशन बिल्डर – कम्युनिटीज ऑफ टुमॉरो” विषय पर एक महत्वपूर्ण कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर निगम गुरुग्राम, आरडब्ल्यूए, कॉर्पोरेट प्रतिनिधि, शिक्षाविद और विभिन्न समुदायों के प्रमुख लोगों ने भाग लेकर विचार-विमर्श किया।
नगर निगम की भागीदारी से मजबूत हुआ जन-सरकार सहयोग
कॉन्क्लेव की एक प्रमुख विशेषता नगर निगम गुरुग्राम की सक्रिय भागीदारी रही। संयुक्त आयुक्त डॉ. नरेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि शहर को टिकाऊ बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी और संस्थागत सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
सस्टेनेबिलिटी को लेकर ‘इरादे से क्रियान्वयन’ की ओर बढ़ने का आह्वान
कार्यक्रम में अबांते के सीईओ डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि अब समय आ गया है कि केवल योजनाओं तक सीमित रहने के बजाय उन्हें जमीन पर लागू किया जाए। उन्होंने “100-मीटर अडॉप्शन मॉडल” और ग्रीन रेजिडेंशियल मेंटेनेंस जैसे अभिनव उपायों को प्रस्तुत किया, जो आरडब्ल्यूए को अपने आसपास के क्षेत्रों की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
‘जीरो डिस्चार्ज कम्युनिटी’ का सफल उदाहरण प्रस्तुत
कार्यक्रम में एक विशेष फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें पाम टेरेसेस सिलेक्ट सोसाइटी को “जीरो डिस्चार्ज कम्युनिटी” में बदलने की प्रक्रिया दिखाई गई। यह उदाहरण दर्शाता है कि सामुदायिक सहयोग और बेहतर प्रबंधन से पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
पैनल चर्चा में सामने आए जमीनी अनुभव
“इंटेंट से इंपैक्ट” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में गुरुग्राम की प्रमुख सोसाइटियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें व्यवहार परिवर्तन, जन-जागरूकता, संसाधनों की सीमाएं और साझेदारी की अहमियत जैसे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।
कॉर्पोरेट और कम्युनिटी का साझा दृष्टिकोण
सैमसंग इंडिया के ईएचएस प्रमुख डॉ. समीर शर्मा ने शून्य-कार्बन जीवनशैली अपनाने के उपायों पर प्रकाश डाला। वहीं, अबांते की रीमा चिब्ब ने कहा कि इस मंच का उद्देश्य समुदायों, संस्थानों और प्रशासन को एक साथ लाकर वास्तविक बदलाव लाना है।
कचरा प्रबंधन और प्रशिक्षण पर विशेष जोर
अबांते के हेड – सॉफ्ट सर्विसेज अफजल गनी ने बताया कि 100% वेस्ट सेग्रिगेशन लागू करना एक चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके लिए हाउसकीपिंग स्टाफ और घरेलू सहायकों को लगातार प्रशिक्षण देना पड़ता है। उन्होंने ‘क्लाउड कंपोस्टिंग’ जैसे विकल्पों को भी प्रभावी समाधान बताया।
हरित और जिम्मेदार शहरों की दिशा में मजबूत कदम
कॉन्क्लेव ने यह स्पष्ट किया कि अब शहरों में केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि वास्तविक कार्रवाई पर ध्यान दिया जा रहा है। 100-मीटर मॉडल, जीरो डिस्चार्ज सोसाइटी और नागरिक-सरकार साझेदारी जैसे प्रयास गुरुग्राम को एक हरित और टिकाऊ शहर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।









