सोहना, पटौदी और फर्रूखनगर मंडियों में गेहूं खरीद ठप — सरकार की किसान विरोधी नीति बेनकाब: चौधरी संतोख सिंह

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सरकार की लापरवाही से फसल बर्बाद, किसान दर-दर भटकने को मजबूर

गुरुग्राम, 11 अप्रैल 2026 । संयुक्त किसान मोर्चा, गुरुग्राम के अध्यक्ष एवं जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चौधरी संतोख सिंह ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों की गेहूं फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने से बच रही है।

उन्होंने कहा कि सोहना अनाज मंडी में हजारों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे खराब हो रहा है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, लेकिन सरकार, मार्केट कमेटी और खरीद एजेंसियां पूरी तरह नाकाम और लापरवाह साबित हुई हैं।

उन्होंने बताया कि मंडी में भेजी गई दो खरीद एजेंसियों में से एक ने अब तक एक दाना भी नहीं खरीदा, जबकि दूसरी एजेंसी ने गीले गेहूं का बहाना बनाकर खरीद से हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि यह हालात केवल सोहना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गुरुग्राम की अन्य मंडियों—पटौदी, फर्रूखनगर—और पूरे प्रदेश की मंडियों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है, जो सरकार के किसान विरोधी रवैये को उजागर करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि “मेरी फसल-मेरा ब्यौरा”, गेट पास, ट्रैक्टर-ट्रॉली नंबर और बायोमीट्रिक सत्यापन जैसी जटिल और गैर-जरूरी शर्तें थोपकर किसानों को मंडियों में अपमानित और परेशान किया जा रहा है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार को चेतावनी देते हुए मांग की है कि सभी मंडियों में गेहूं की तत्काल खरीद सुनिश्चित की जाए। फसल खराबे के आकलन के लिए जल्द विशेष गिरदावरी कराई जाए। प्रभावित किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। साथ ही, मंडियों में फसल को बारिश और ओलावृष्टि से बचाने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं।

चौधरी संतोख सिंह ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो किसान सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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Author: Bharat Sarathi

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