चेन्नई सुपर किंग्स में वो बात कहां?

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-कमलेश भारतीय

आईपीएल के नये सीजन में पहली बार धोनी के बिना गुवहाटी के क्रिकेट स्टेडियम में उतरी चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन कहीं से भी पांच बार की चैम्पियन टीम का नहीं था। धोनी के मैच में न होने से दर्शकों में सुपर किंग्स के प्रति क्रेज भी नहीं दिखा। पहले आईपीएल सीजनों में स्टेडियम पीली टी शर्ट्स से पीला ही पीला नज़र आता था, जैसै सरसों खिल गयी हो। धोनी ही क्यों, इस बार रवींद्र जडेजा भी सुपर किंग्स में नहीं बल्कि राजस्थान रायल्ज की ओर से खेले और उनके अनुभव का फायदा भी राजस्थान रायल्ज को मिला। जडेजा ने दो विकेट चटकाये ।

सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ पहली बार धोनी की छाया से बाहर स्वतंत्र रूप से टीम का नेतृत्व कर रहे थे लेकिन सुपर किंग्स ने जो निराशाजनक प्रदर्शन किया, उसकी तो कोई क्रिकेट प्रेमी कल्पना भी नहीं कर सकता था। पहले छह ओवरों में ही सुपर किंग्स ने कप्तान सहित चार विकेट गंवा दिये और उसके बाद टीम संभल ही नहीं पाई। मज़ेदार बात कि पहले तीन ओवरों में लगातार राजस्थान रायल्ज को विकेट मिलते गये। सबसे बड़ी सांझेदारी आखिरी विकेट के लिए जेमी ओवर्टन व अंशुल कंबोज के बीच 33 रनों की रही, इन दोनों ने मिलकर सुपर किंग्स को सौ के पार पहुंचाया और यदि ओवर्टन रनआउट न हुए होते तो सुपर किंग्स कम से कम पूरे बीस ओवर खेल जाती लेकिन चार गेंद बाकी रहते सुपर किंग्स मात्र 127 के स्कोर पर ढेर हो गयी। ऐसा स्कोर जो किसी भी तरह सम्मानजनक नहीं माना जा सकता और न ही राजस्थान रायल्ज के लिए कोई चुनौती भरा था और यही हुआ भी, राजस्थान रायल्ज ने इस सीजन में सबसे तेज़ जीत सुपर किंग्स पर दर्ज कर दी। मात्र 12.1 ओवर्स में ही ! बड़ी मुश्किल से अंशुल कंबोज ही दो विकेट ले पाये, बाकी सारे गेंदबाज फेल रहे न कोई प्रभाव छोड़ पाये । इस बार पंद्रह वर्ष के हो चुके वैभव सूर्यवंशी ने मात्र पंद्रह गेंदों में तेज़ अर्द्ध शतक जड़ कर रिकॉर्ड बना दिया। बीस ओवर का मैच मात्र बारह ओवर्स में खत्म! दर्शकों का पैसा हज़म ! यह मैच तो पहले दो मैचों से भी ज्यादा निराशाजनक रहा । संजू सैमसन भी नयी टीम के साथ कोई करिश्मा नहीं कर पाये । जितने छक्के सुपर किंग्स के सभी खिलाड़ियों ने लगाये, उतने तो अकेले वैभव सूर्यवंशी ने बाउंड्री पार पहुंचा दिये। सुपर किंग्स के ही युवा खिलाड़ी आयुष म्हात्रे शून्य पर ही चलते बने, उनसे भी कुछ आकर्षक खेल की उम्मीद थी लेकिन वे पहली ही गेंद पर कैच आउट हो गये । अंडर 19 टीम में म्हात्रे व वैभव दोनों खेले हैं । यानी क्रिकेट के भविष्य के युवा खिलाड़ी हैं दोनों ! अंडर 19 टीम के कप्तान रहे पृथ्वी शाह व उत्तम चंद जैसे युवा खिलाड़ी तो भूल भुला दिये गये।

अब सुपर किंग्स का क्या होगा? क्या आने वाले मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर पायेगी या फिर इस बार भी सबसे निचली पायदान पर पहुंच जायेगी। कभी धोनी, रैना और जडेजा की तिकड़ी सुपर किंग्स को आईपीएल की सुपर टीम बनाती थी लेकिन रैना संन्यास ले चुके, जडेजा पाला बदल गये और धोनी चोटिल होने के कारण फिलहाल टीम से दूर हैं । इस बार पथिराना भी टीम में नहीं ।

खैर, सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ अब अपने आत्मविश्वास को खोजकर अगले मैच में पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे, यही उम्मीद है। उन्हें अपनी कप्तानी करने का पूरा और खुला हाथ मिला है ।फिलहाल तो आईपीएल के नये सीजन का यह तीसरा मैच अभी तक के मैचों में सबसे नीरस रहा, जिसे शायद सुपर किंग्स के खिलाड़ी भुलाना ही बेहतर समझेंगे ! पहले मैच की हार पर तो इतना ही कह सकते हैं सुपर किंग्स में वो बात कहां!

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Author: Bharat Sarathi

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