महंगाई की मार और “त्याग” की राजनीति: आखिर कब तक जनता ही दे बलिदान?

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पेट्रोल-डीजल और दूध की बढ़ी कीमतों पर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी से इस्तीफे की मांग

गुरुग्राम। देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। शुक्रवार सुबह पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी और उससे पहले अमूल दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ाए जाने के बाद आम जनता की चिंताएं और बढ़ गई हैं। रसोई से लेकर सड़क तक हर जरूरी वस्तु महंगी होती जा रही है, जबकि आम आदमी की आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही।

इसी मुद्दे को लेकर गुरुग्राम में हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान पर्ल चौधरी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार जनता से “देशहित में त्याग” करने की अपील की है। कभी गैस सब्सिडी छोड़ने को कहा गया, कभी सोना कम खरीदने की सलाह दी गई और कभी महंगाई को राष्ट्रहित के नाम पर सहने की बात कही गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर त्याग केवल आम जनता ही क्यों करे?

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे और संकल्प किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनता पर टैक्स और महंगाई का बोझ डाल दिया जाता है। उनके अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खेती, खाद्य सामग्री, रोजमर्रा के सामान और युवाओं की जिंदगी पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। वहीं दूध की कीमत बढ़ने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के पोषण पर असर पड़ रहा है।

पर्ल चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में देशहित में “कुछ भी त्याग करने” को तैयार हैं, तो अब समय आ गया है कि वे जनता से त्याग मांगने के बजाय स्वयं त्याग करें और पद छोड़ दें। उन्होंने कहा कि यदि देशहित सर्वोपरि है तो जनता पर आर्थिक बोझ डालने वाली नीतियों की जिम्मेदारी भी सरकार को लेनी चाहिए।

इस दौरान अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में चलाए जा रहे “पीएम इज कंप्रोमाइजड” अभियान का भी उल्लेख किया गया। पर्ल चौधरी ने कहा कि एप्सटीन फाइल विवाद में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हुए हैं और कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठा रही है।

उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने सरकार पर ट्रेड डील को लेकर समझौता करने का आरोप लगाया था।

गुड़गांव कांग्रेस की जिला उपाध्यक्ष सीमा हुड्डा कटारिया ने कहा कि आज महंगाई केवल आर्थिक समस्या नहीं रही, बल्कि सामाजिक अन्याय का रूप ले चुकी है। महिलाओं के लिए घर का बजट संभालना कठिन होता जा रहा है। सिलेंडर, राशन, सब्जियां, पेट्रोल, दूध और बच्चों की पढ़ाई तक हर क्षेत्र में खर्च लगातार बढ़ रहा है।

महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता अब केवल “त्याग” की अपील नहीं सुनना चाहती, बल्कि जवाबदेही चाहती है। उनका कहना था कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव के इस दौर में सरकार की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को जनता के प्रति जवाबदेह बनना चाहिए।

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Author: Bharat Sarathi

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