गुरुग्राम में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एमसीजी और डब्ल्यूआरआई इंडिया के बीच समझौता

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‘जीरो ओपन वेस्ट बर्निंग’ और ‘डेब्रिज फ्री गुरुग्राम’ के लक्ष्य पर होगा संयुक्त कार्य, तकनीकी सहयोग से सुधरेगी वायु गुणवत्ता

गुरुग्राम, 25 मार्च 2026। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण और कचरा प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और डब्ल्यूआरआई इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया है। इसके तहत दोनों संस्थाएं मिलकर अनुसंधान, डेटा विश्लेषण और विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस रणनीतियां तैयार करेंगी। यह समझौता आगामी दो वर्षों तक, यानी 23 मार्च 2028 तक लागू रहेगा।

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास

एमओयू का मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों की पहचान कर उनके समाधान के लिए व्यावहारिक उपाय विकसित करना है। इसके अंतर्गत ‘जीरो ओपन वेस्ट बर्निंग’ और ‘डेब्रिज फ्री गुरुग्राम’ जैसे अहम लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। डब्ल्यूआरआई इंडिया इस दिशा में तकनीकी एवं सलाहकार सहयोग प्रदान करेगा, जिसमें डेटा आधारित अध्ययन, बेसलाइन आकलन और पायलट परियोजनाओं की योजना शामिल है। इससे शहर में प्रदूषण के स्रोतों को चिन्हित कर प्रभावी नियंत्रण रणनीतियां लागू की जा सकेंगी।

समन्वय, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर जोर

नगर निगम गुरुग्राम इस सहयोग के तहत नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करेगा और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा। निगम द्वारा आवश्यक डेटा और सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी तथा कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, निगम अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और हितधारकों के साथ संवाद भी इस पहल का हिस्सा होंगे, जिससे कार्यान्वयन क्षमता को मजबूत किया जा सके। वहीं, डब्ल्यूआरआई इंडिया शोध, विश्लेषण और क्षमता निर्माण के माध्यम से कचरा प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने में सहयोग करेगा। संस्था ठेकेदारों, सामुदायिक समूहों और अन्य संस्थानों के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने और समन्वय स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

गैर-वित्तीय और सलाहकारी रहेगा समझौता

यह एमओयू पूरी तरह गैर-वित्तीय और गैर-बाध्यकारी है। दोनों पक्ष अपने-अपने खर्च स्वयं वहन करेंगे। समझौते के तहत दिए गए सुझाव केवल सलाहकारी होंगे, जबकि अंतिम निर्णय लेने का अधिकार नगर निगम गुरुग्राम के पास रहेगा।

शहर के लिए महत्वपूर्ण पहल

यह पहल गुरुग्राम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, बल्कि शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी बड़ा बदलाव आएगा। नगर निगम और डब्ल्यूआरआई इंडिया के संयुक्त प्रयासों से आने वाले समय में बेहतर कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि यह समझौता शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीतियां विकसित की जा सकेंगी।

डब्ल्यूआरआई इंडिया के कार्यकारी कार्यक्रम निदेशक पवन मुलुकुटला ने कहा कि संस्था गुरुग्राम में डेटा आधारित समाधान और तकनीकी सहयोग के माध्यम से वायु प्रदूषण नियंत्रण और कचरा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ. प्रीतपाल सिंह सहित डब्ल्यूआरआई इंडिया से कार्यकारी कार्यक्रम निदेशक पवन मुलुकुटला, श्रीकुमार कुमारस्वामी, भाव्य शर्मा, संजर अली, आदित्य अजिथ तथा नितिशा सिंह उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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