मुख्यमंत्री का जनप्रतिनिधियों से आह्वान, प्राकृतिक खेती का विषय दलगत राजनीति से ऊपर

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हम सभी का दायित्व किसानों को इसके लिए करें जागरूक

हरियाणा विधानसभा में प्राकृतिक खेती पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम

आचार्य देवव्रत के प्रयासों से प्राकृतिक खेती को मिल रही नई दिशा — मुख्यमंत्री

चंडीगढ़, 18 मार्च — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी जनप्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि कुछ विषय ऐसे होते हैं, जो दलगत राजनीति से ऊपर होते हैं, इसलिए हम सभी का यह दायित्व बनता है कि प्राकृतिक खेती को अपने जीवन में तो उतारे ही, उसके साथ ही किसानों को भी इसके बारे जागरूक करें।

मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा विधानसभा में आयोजित प्राकृतिक खेती पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्राकृतिक खेती पर अपना व्याख्यान दिया।

श्री नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत का स्वागत करते हुए कहा कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और प्राकृतिक जीवन शैली के सशक्त प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा, शिक्षा और विशेष रूप से प्राकृतिक खेती के प्रसार के लिए समर्पित किया है। आचार्य देवव्रत जी देश के कोने-कोने में जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज के समय में किसान पेस्टिसाइड, यूरिया और रासायनिक खाद को अत्यधिक मात्रा में उपयोग कर रहे हैं, जिससे वातावरण भी प्रदूषित होता है और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान प्रदेश है और प्राकृतिक खेती का मॉडल किसानों के लिए एक नई दिशा प्रस्तुत करता है। आचार्य देवव्रत के प्रयासों से गुरुकुल, कुरुक्षेत्र में 180 एकड़ भूमि में बना प्राकृतिक कृषि फार्म हरियाणा के किसानों के लिए प्राकृतिक खेती का एक अनूठा उदाहरण है। इस फार्म में न कोई कीटनाशक प्रयोग किया जाता है और न ही कोई रासायनिक खाद। केवल गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार जीवामृत, घनामृत और बीजामृत का ही प्रयोग किया जाता है। खेती की यह पद्धति अल्प बजट पर आधारित है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में प्राकृतिक खेती योजना वर्ष 2022 में शुरू की थी। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा एक प्राकृतिक खेती पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल पर प्रदेश में 31 हजार 873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए 19 हजार 723 किसानों ने अपना सत्यापन करवाया है। अब तक 12 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके अलावा हमेटी, जींद ने राज्य के सभी सरपंचों को एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में प्राकृतिक खेती उत्पाद की ब्रांडिंग व पैकेजिंग पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। देसी गाय की खरीद पर 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है। इस योजना के तहत 2 हजार 500 किसानों को 4 ड्रम प्रति किसान की दर से 75 लाख रुपये तथा 523 देसी गाय की खरीद के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपये की अनुदान राशि दी गई।

बजट 2026-27 में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए पहल

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने बजट 2026-27 में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल की हैं। किसानों को जैविक खेती प्रमाणीकरण के लिए ‘हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी’ को एक प्रमाणीकरण संस्था बनाया जाएगा। एपीडा से प्रमाणित किसानों को अगले 5 वर्षों तक 10 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हरियाणा विधानसभा में राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी का प्राकृतिक खेती पर मार्गदर्शन प्राप्त होने से निश्चित तौर पर हरियाणा के किसान प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ेंगे।

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Author: Bharat Sarathi

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