जीएमडीए के सीईओ ने सड़क अवसंरचना और मानसून की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

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शहर की प्रत्येक सेक्टर डिवाइडिंग रोड के लिए व्यापक विकास योजना तैयार करने के निर्देश

मानसून से पूर्व वर्षा जल निकासी तंत्र की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना

मानसून के दौरान सभी सड़कों के किनारे व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाना

गुरुग्राम, 17 मार्च: जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने मंगलवार सुबह जीएमडीए कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें गुरुग्राम में सड़क अवसंरचना की स्थिति, शहरी रखरखाव और आगामी मानसून के लिए तैयारियों का आंकलन किया गया।

बैठक के दौरान जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा, “प्राधिकरण मानसून से पहले गुरुग्राम की सड़क और ड्रेनेज अवसंरचना को मजबूत करने के लिए व्यापक और समयबद्ध दृष्टिकोण पर कार्य कर रहा है। सड़कों को धूल-मुक्त रखने, सी एंड डी कचरा हटाने, ग्रीन बेल्ट विकसित करने और ड्रेनेज कार्यों को तेज करने के माध्यम से हमारी प्राथमिकता शहरी यातायात को सुगम बनाना, जलभराव को रोकना और शहरवासियों को जमीनी स्तर पर स्पष्ट सुधार उपलब्ध कराना है।”

प्रमुख सड़क कॉरिडोर, ग्रीन बेल्ट विकास और शहरी रखरखाव पर फोकस

बैठक के दौरान हीरो होंडा चौक से मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन तक तथा महाराणा प्रताप चौक से अतुल कटारिया चौक तक के प्रमुख सड़क कॉरिडोर की स्थिति की समीक्षा की गई और इन सड़कों को उच्च मानकों के अनुसार बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इन कॉरिडोर से निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) कचरे को तुरंत हटाने तथा सड़कों को धूल-मुक्त बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

महाराणा प्रताप चौक से अतुल कटारिया चौक के बीच ग्रीन बेल्ट को सुव्यवस्थित तरीके से डिजाइन और विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कचरा फेंकने की प्रवृत्ति को रोका जा सके और शहरी परिदृश्य को बेहतर बनाया जा सके। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सेक्टर-29 की ओर जाने वाले प्रवेश मार्ग पर मरम्मत कार्य कराने के भी निर्देश दिए, जिससे यात्रियों की आवाजाही और सुगम हो सके। इसके अतिरिक्त सर्विस रोड के विकास तथा उन्हें मुख्य सड़क मार्ग से प्रभावी रूप से जोड़ने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए, ताकि यातायात प्रबंधन बेहतर हो सके।

ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज के विकास एवं रखरखाव की समीक्षा करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि सभी जीएमडीए सड़कों पर हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाए और मानसून के दौरान इन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। साथ ही ग्रीन क्षेत्रों में कचरा फेंकने से रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने पर भी जोर दिया गया।

सड़क परिसंपत्तियों की व्यापक मैपिंग और निगरानी

योजना और निगरानी को और सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जीएमडीए की सभी मास्टर सेक्टर डिवाइडिंग रोड के लिए एक विस्तृत मास्टर शीट तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें मुख्य कैरिजवे, सर्विस रोड, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, सेंट्रल वर्ज, ग्रीन बेल्ट, सतही नाले, ट्रैफिक सिग्नल तथा सड़क सुरक्षा अवसंरचना जैसे सभी प्रमुख घटकों की स्थिति का विस्तृत विवरण शामिल होगा। इसके अतिरिक्त इन सड़कों पर प्रस्तावित कार्यों के लिए कार्य योजनाएं तैयार करने के लिए भी निर्देश दिए गए।

ड्रेनेज कार्यों में तेजी और मानसून तैयारियां

मानसून की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि चल रहे स्टॉर्म वॉटर ड्रेन कार्यों में तेजी लाई जाए, जिसमें एसपीआर पर लेग-4 ड्रेन, सेक्टर 17-18 में मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन तथा एनएच-48 (नरसिंहपुर) से बादशाहपुर ड्रेन तक के निर्माण कार्य शामिल हैं। इन सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान इन क्षेत्रों में वर्षा जल की निकासी सुचारु रूप से हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ड्रेनेज निर्माण स्थलों पर कोई ढीली या खुदाई की गई मिट्टी न छोड़ी जाए और ठेकेदार समय पर इसे हटाना सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सभी सतही नालों को आपस में तथा मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज नेटवर्क से प्रभावी रूप से जोड़ा जाए, विशेष रूप से सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) जैसे प्रमुख कॉरिडोर पर। इसके लिए सतही नालों की एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जीएमडीए अधिकारियों ने बताया कि नालों की नियमित सफाई (डिसिल्टिंग) की जा रही है, ताकि उनमें मलबा जमा न हो। इसके अलावा अरावली क्षेत्र में प्राकृतिक जलधाराओं के पुनर्स्थापन तथा चेक डैम के निर्माण जैसे कार्य भी किए गए हैं, जिससे अतिरिक्त बरसाती पानी का प्रबंधन किया जा सके और शहर में शहरी बाढ़ की स्थिति को रोका जा सके।

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि मास्टर सेक्टर सड़कों के किनारे रोड गलीस की चौड़ाई बढ़ाई जाए और जहां संभव हो उनकी संख्या भी बढ़ाई जाए, ताकि सड़कों से बरसाती पानी की निकासी और तेज़ी से हो सके। बैठक के अंत में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता, समयबद्धता और जनसुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्रियान्वित किया जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर जमीन पर स्पष्ट सुधार दिखाई दे और यात्रियों तथा स्थानीय निवासियों को न्यूनतम असुविधा हो।

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Author: Bharat Sarathi

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