स्ट्रक्चरल ऑडिट की प्रक्रिया को गति देने के लिए डीसी अजय कुमार ने बिल्डर प्रबंधन तथा आरडब्ल्यूए के साथ की बैठक

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ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में सख्ती, मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

डीसी ने ऑडिट रिपोर्ट के अनुरूप कार्य नहीं होने पर जताई नाराजगी

गुरुग्राम, 17 मार्च। ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में निवास कर रहे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीसी अजय कुमार ने मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्ट्रक्चरल ऑडिट प्रक्रिया के प्रथम चरण में शामिल 15 सोसायटियों के बिल्डर प्रबंधन एवं आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ऑडिट की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर डीटीपी (ई) अमित मधौलिया भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान डीसी ने पाया कि कई सोसायटियों में स्ट्रक्चरल ऑडिट प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद ऑडिट रिपोर्ट के अनुरूप मरम्मत एवं सुधार कार्य निर्धारित समय में नहीं किए गए हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बिल्डर्स निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करें, ताकि निवासियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

डीसी ने सभी बिल्डर्स को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने प्रोजेक्ट की अपडेट स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिसमें पूर्ण एवं लंबित कार्यों के साथ-साथ उनकी समयसीमा का स्पष्ट उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि यह विषय सीधे तौर पर नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

डीसी अजय कुमार ने कहा कि जो बिल्डर्स ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कार्य करने में लापरवाही बरतेंगे, तथा आगामी 15 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने डीटीपी को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिन सोसायटियों में कार्य लंबित है, वहां संबंधित बिल्डर्स को तत्काल प्रभाव से मरम्मत कार्य शुरू कर निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। डीसी ने यह भी निर्देश दिए कि जिन सोसायटियों में स्ट्रक्चरल ऑडिट पूर्ण हो चुका है, उनकी इम्पैनल्ड स्ट्रक्चरल ऑडिट एजेंसियों द्वारा फाइनल रिपोर्ट शीघ्र जारी की जाए। जिन स्थानों पर विजुअल इंस्पेक्शन एवं एनडीटी (नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट) की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, लेकिन कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां तुरंत कार्य शुरू करने तथा जिन सोसायटियों में कार्य की प्रगति धीमी पाई गई, वहां बिल्डर्स को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। डीसी ने इम्पैनल्ड स्ट्रक्चरल ऑडिटर्स को भी निर्देश दिए कि वे कार्यों की नियमित एवं पीरियॉडिक मॉनिटरिंग करें, ताकि गुणवत्ता एवं समयसीमा दोनों सुनिश्चित हो सकें।

बैठक के दौरान कुछ आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों द्वारा अपने स्तर पर मरम्मत कार्य कराने की अनुमति भी मांगी गई, जिस पर डीसी ने सहमति प्रदान करते हुए कहा कि यह कार्य निर्धारित मानकों एवं प्रक्रिया के अनुरूप किया जाए तथा सम्बंधित एजेंसियों द्वारा कार्य गुणवत्ता की मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए। डीसी अजय कुमार ने सभी आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि स्ट्रक्चरल ऑडिट केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
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Author: Bharat Sarathi

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